शराब छुड़ाने की दवा खा रहे हैं तो संभल जाएं

शराब पीने से कैंसर हो जाता है। हार्ट अटैक हो जाता है। लिवर सिरोसिस हो जाता है…….ये सब तो सभी ने सुना होगा। शराब के दुष्परिणामों पर जब तब बात होती ही रहती है। लेकिन क्या ये पता है कि नशे की लत छुड़ाने के लिए जो दवाएं बाजार में मौजूद हैं, उन्हें खाने से पहले संभल जाएं। नशा छुड़ाने के लिए दी जाने वाली दवाएं शरीर की हड्डियों को खोखला बना देती हैं। यह दावा सीडीआरआई के वैज्ञानिकों का है।

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लखनऊ स्थित सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया, यानी सीडीआरआई के वैज्ञानिकों ने नशे की लत छुड़ाने वाली दवा का परीक्षण किया तो उसमें यह बात सामने आई कि शराब और सिगरेट की लत छुड़ाने वाली टैबलेट एंटाबयूज शरीर हड्डियों को खोखला कर देती है। सीडीआरआई ने चूहों पर किया शोध एण्टाब्यूज के साइड इफेक्ट की जांच के लिए सीडीआरआई के वैज्ञानिकों ने सबसे पहले 72 चूहों पर शोध किया। उन्होंने इन चूहों को उतनी ही मात्रा में ये दवाएं दी जितनी शराब की लत में लोगों को दी जाती है। वैज्ञानिकों ने देखा कि थायोकार्बमेट डाई सल्फाइट ड्रग ने डाइसल्फ्युरियम एसीटेलडिहाइड की सक्रियता में चूहों की आस्टियो ब्लास्ट सेल्स डैमेज हो रही हैं। सीडीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक एन चटोपाध्याय, एम् मित्तल, के पॉल, कोणिका पोरवाल, श्यामसुंदर पाल चीना, तरुण कुमार , खेमराज बघेल, तारा, स्मृति भदौरिया, वीएल शर्मा और ठीके बारभुयन की टीम ने इस रिसर्च को अंजाम दिया।

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इस रिपोर्ट के मुताबिक लगातार एक ही डोज में दवाई देने से करीब एक साल बाद चूहों की हड्डियां खोखली हो चुकी थीं। सीडीआरआई के वैज्ञानिक ने बताया कि अगर किसी मनुष्य को इस दवाई की 30 मिलीग्राम की डोज दी जाती है तो उसका परिणाम लगभग यही हो सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली स्थित एम्स नैशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी) ने डब्ल्यूएचओ के सहयोग से इस पर क्लिनिकल ट्रायल भी शुरू कर दिया है।

नशा शराब में होता तो नाचती बोतल…………………!

अब एम्स के डॉक्टर नशा छुड़ाने आए मरीजों को नशा छुड़ाने की दवा के साथ हड्डियों को मजबूत बनाए रखने की भी दवा दे रहे हैं। नशे की दवा दिए जा रहे मरीजों को हड्डियों की मजबूती की दवा देकर वह शोध कर रहे हैं कि सप्लीमेंट देने से क्या हड्डियों के कमजोर होने की समस्या खत्म होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग से एम्स को अनुदान भी मिल चुका है।

चीयर्स डेस्क

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