नैमिष हॉस्पिटल में मिलती है दवा और दारू एक साथ

दुआ , दवा और दारू इन सब का साथ हो तो आदमी जल्दी ठीक हो जाता है ऐसी कहावते आप ने बहुत लोगो से सुनी होगी लेकिन इस कहावत को हकीकत का रूप देने में सीतापुर का जिला प्रशासन लगा हुआ है। यूपी सरकार भले ही कितने दावे कर ले लेकिन असलियत यही है की प्रदेश में शराब कारोबारी सभी नियमों को धता बता अपने हिसाब से दुकानों का संचालन कर रहे हैं। नियमों की बात करें तो किसी भी अस्पताल, विद्यालय व मंदिर के पास शराब की दुकान नहीं होनी चाहिए लेकिन सीतापुर शहर  की बात ही कुछ और है।

शराब के कारोबारी को क्यों देखा जाता है उपेक्षा की नजर से… !

सीतापुर वो  शहर है जहां पर अजीबोगरीब कारनामे देखने को मिलते रहते हैं प्रदेश सरकार चाहे जितनी ही क्यों न सख्ती कर ले किंतु असलियत को छुपाया नहीं जा सकता है इसी प्रकार से कुछ उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर में हो रहा है जहां पर आबकारी  विभाग अपने नियमों का बखान करता घूम रहा है वहीं स्वास्थ्य महकमा अपना रुतबा जमा रहा है।  किंतु जनपद सीतापुर के डिस्ट्रिक्ट  हॉस्पिटल के पास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल जिस को कहा जाता है नैमिष अस्पताल।  अस्पताल की खासियत यह है कि यह टीन सेट के नीचे चलता है और मजे की बात यह है इस अस्पताल के बगल में ही बियर शॉप की दुकान भी चलती है और ये सब सीतापुर शहर  के मुख्य चौराहे लालबाग से अस्पताल को जाने वाली  रोड तथा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के नजदीक यह सब हो रहा है।

अब यूपी में अवैध शराब बनाने वालों को सुधारने की पहल

कुछ जानकारों का कहना है कि यह सब एक जगह पर नहीं हो सकता है किंतु जिम्मेदारों को क्या पड़ी है मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके नैयर साहब को कुछ दिखता नहीं है वही आबकारी विभाग कभी नियमों को मानता नहीं है इस विषय को लेकर जाया जाए तो कहां जाए जाए और ऐसे स्थिति को ना ही कोई समाजसेवी देख रहे हैं और ना ही कोई जिम्मेदार अधिकारी शायद सीतापुर के नगरवासी इसीलिए कह रहे हैं चलिए सीतापुर जहां पर मिलता है दवा और दारू एक साथ।

चीयर्स डेस्क

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