लोकल ब्रांड के पानी के सैंपल फेल, डेढ़ लाख का जुर्माना

छत्तीसगढ़ और ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की पेंट्री कार में मिले लोकल ब्रांड के पानी के सैंपल फेल होने पर रेलवे प्रशासन ने डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। दोनों ट्रेनों के पैंट्रीकार ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी देने हुए तीन ब्रांड के बोतलों में मिले दूषित पानी के लिए 50-50 हजार रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है। रायपुर मंडल के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. बी जांकियार की ओर से पैंट्रीकार संचालकों पर इस जुर्माने की कार्रवाई की गई है। पैंट्रीकार संचालन की कंपनी सनसाईन कैटरर्स को रेलवे प्रशासन ने नोटिस थमाते हुए जुर्माने की राशि को दो दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। देरी करने पर जुर्माने की राशि और बढ़ाई जा सकती है। इसके बाद किसी तरह की शिकायत मिलने पर ठेका निरस्त करने भी कहा गया है। रायपुर स्टेशन के विभिन्न टी-स्टाॅलों में 15 रुपए का सस्ता जनता खाना नहीं रखने पर रेलवे का वाणिज्य विभाग काफी सख्ती बरत रहा है। संबंधित ठेकेदार पर एक हजार रुपए का जुर्माने के साथ चेतावनी भी दी गई है। अफसरों ने बताया कि जनता खाना रखना सभी स्टॉलों के लिए अनिवार्य है। अगली बार शिकायत मिलने पर बड़ी कार्रवाई होगी।

छत्तीसगढ़ और ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की पैंट्रीकार में मिले पानी बोतल का पानी पीने योग्य नहीं था। जांच रिपोर्ट के बाद ठेकेदार पर डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना किया गया है। आगे शिकायत मिलने पर अब ठेका कैंसिल भी हो सकता है। तन्मय मुखोपाध्याय, सीनियर डीसीएम रायपुर मंडल

सस्ते ब्रांड बेचने का चल रहा खेल 

स्टेशन और ट्रेनों में केवल रेल नीर ब्रांड की पानी बोतलें बेचने का नियम है। लेकिन अक्सर शिकायतें मिलती रही हैं कि पेंट्री के ठेकेदार और कई बार कर्मचारी भी सस्ते ब्रांड की बोतलें 4-5 रुपए में खरीद लेते हैं और इसे 15 से 20 रुपए में ट्रेनों में बेच देते हैं। इस रेट पर रेल नीर बेचने में खास मुनाफा नहीं है, क्योंकि उसकी खरीदी साढ़े 8 रुपए में पड़ती है। लगातार कार्रवाई के बाद भी अवैध व घटिया ब्रांड की पानी बोतल बेचने का कारोबार रुक नहीं रहा है।

करीब चार माह पहले रेलवे सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन थ्रस्ट के तहत छत्तीसगढ़ और ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की पेंट्री से अवैध पानी की 600 से अधिक बोतलें जब्त की थी। यह पानी इसलिए जब्त किया था क्योंकि ट्रेन में रेल नीर ही बेचना था, लेकिन ट्रेन का स्टाफ दूसरे ब्रांड बेच रहा था। बोतलों जब्त करने के बाद आरपीएफ ने जब्त पानी की जांच सैंपल फूड एनालिस्ट लेबोरेट्री, कालीबाड़ी में करवाई। लैब की रिपोर्ट पानी दूषित होने के कारण पीने लायक नहीं पाया गया।

चीयर्स डेस्क 

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