नशे में धुत आईएएस ने पत्रकार को कुचला

क्या आंशिक शराबबंदी का वास्तव में असर होता है या सिर्फ ये सरकारी घोषणा मात्र है, ये सवाल इसलिए कि केरल में एक आईएएस ने दारू चढा कर कार दौड़ाई और सड़क पर एक पत्रकार को मार डाला। जबकि केरल नें आंशिक शराबबंदी पिछले काफी समय से लागू है। बिहार में शराबबंदी के बाद वहां की एक मंत्री के घर से शराब बरामद हुई थी। हरियाणा से वाया यूपी, बिहार को जाने वाली शराब जब तब पकड़ी जाती रही है। गुजरात में भी शराब पकड़े जाने की खबरें आती रहती हैं। शराबबंदी की घोषणा से राज्य वास्तव में शराब मुक्त नहीं हो पाता है, फिर ये सरकारी ढकोसला क्यों।
दैनिक समाचार-पत्र में काम करने वाले एक पत्रकार की शनिवार को तेज रफ्तार कार से टक्कर लगने के बाद मौत हो गई। कार को आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन कथित रूप से नशे की हालत में चला रहे थे। पुलिस ने आरोपी आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है।समाचार-पत्र सिराज के ब्यूरो प्रमुख के.एम. बशीर (35) रात लगभग 12:45 बजे अपने घर लौट रहे थे, जब राजधानी के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में एक आईएएस अधिकारी ने तेजी से कार चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। उनकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई। जिस सड़क पर दुर्घटना हुई, उससे मुख्यमंत्री और राज्यपाल जैसे वीवीआईपी लोग अक्सर गुजरते हैं, लेकिन पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में कई सीसीटीवी कैमरा काम नहीं करते हैं।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने मीडिया से कहा, ‘तेज रफ्तार कार ने पीछे से बाइक में टक्कर मार दी। कार चालक नशे में था। उसके साथ एक महिला भी थी।’ एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘कार चलाने वाला व्यक्ति नशे में था। दुर्घटना के बाद वह पूरी तरह घबरा गया और पुलिस को मैंने फोन किया।उन्होंने कहा, ‘पुलिस के आते ही उसने एक टैक्सी बुलाकर अपनी साथी महिला को उससे भेज दिया।’ बाद में पता चला कि सवालों के घेरे में आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन हैं और उनके साथ महिला उनकी दोस्त वहा फिरोज है जिनकी कार है। यह जानकारी राज्य मोटर प्राधिकरण से प्राप्त हुई। फिरोज ने पुलिस को बताया कि कार वेंकटरमन चला रहे थे।
वरिष्ठ पत्रकार अरविंद एस. ससी ने मीडिया से कहा कि पुलिस को जब पता चला कि घटना में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल हैं तो वह उन्हें बचाने की कोशिश कर रही थी।ससी ने कहा, ‘दुर्घटना के तुरंत बाद महिला को घर जाने दिया गया, वहीं अनिवार्य होने के बावजूद जांच के लिए वेंकटरमन के खून का नमूना नहीं लिया गया और उन्होंने निजी अस्पताल में इलाज कराने की मांग की।’ स्थानीय म्यूजियम पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने कहा कि वेंकटरमन नशे में थे। पुलिस आयुक्त संजय गुरुदिन ने कहा कि विस्तृत जांच जारी है। शनिवार देर शाम श्रीराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पूर्व पुलिस अधीक्षक जॉर्ज जोसफ ने कहा कि इसमें धोखाधड़ी हुई है। जोसफ ने कहा, ‘पुलिस को उन्हें तुरंत हिरासत में लेना चाहिए था और मेडिकल परीक्षण कराना चाहिए था। इस देरी से सिर्फ वरिष्ठ अधिकारी को बचाया जा रहा है।’ केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स की तिरुवनंतपुरम इकाई ने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को यह देखने के लिए कहा है कि पुलिस उचित जांच सुनिश्चित कराए और पीड़ित को न्याय दिलाए। राज्य के परिवहन मंत्री ए.के. ससींद्रन ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी को जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए।
चीयर्स डेस्क
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