शराब से 29 हजार करोड़ कमायेगी यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले  वित्तीय वर्ष यानी अपैल 2018 से मार्च 2019 के बीच शराब से 29,302 करोड़ रूपये कमाने का लक्ष्य निधारित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बनाई गई आबकारी नीति को मंजूरी दी गयी। नई आबकारी नीति पूरी तरह से प्रदेश सरकार के राजस्व में इजाफा करने के उद्देश से तैयार की गई है। नई नीति के तहत अब शराब और बीयर की दुकानें सुबह 10 बजे से लेकर रात को 10 बजे तक खुली रहेंगी। अभी तक दोपहर 12 बजे से 10 दुकानें खुलती थीं। नई नीति में शराब व बीयर के दामों में बढ़ोतरी न करने का फैसला लिया गया है। दूसरे राज्यों की तर्ज पर यूपी में भी माइक्रो बे्रवरीज खोलने को मंजूरी दी गई है। शराब और बीयर की सभी दुकानों में बिक्री अब पाॅइंट ऑफ सेल मशीनों के जरिए होगी। नई नीति अनुसार आबकारी आयुक्त को महज 1 प्रतिशत नई दुकानो को सृजित करने का अधिकार होगा, इसी प्रकार 2 प्रतिशत नई माॅडल शाॅप सृजित की जा सकेंगी, इससे ज्यादा नई दुकानें खोलने के लिए शासन से अनुमति लेनी होगी।

सरकार के प्रवक्ता एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि नयी नीति में पुरानी दुकानों के लक्ष्य हासिल करने की सूरत में स्वतः आवंटन बाकी बची दुकानों को एक बार फिर से ई-लाटरी से दुकानें आवंटित की जाएगी। नयी आबकारी नीति में पहली बार भांग की दुकानों का आवंटन भी ई-लाटरी से करने व एक जिले में दो से ज्यादा भांग की दुकानें एक व्यक्ति को न आवंटित करने के प्रावधान शामिल हैं। श्री सिंह ने बताया कि शराब की दुकानों का आवंटन अब लाटरी से होगा। इसके अलावा 60 फीसदी दुकानों का नवीनीकरण होगा। पिछले साल की कमियों को नई नीति में दूर किया गया है।

आबकारी राज्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2018-19 में ही सरकार ने शराब माफिया के नेक्सस को तोड़ने में कामयाबी हासिल की है, इसके तकरीबन 5000 करोड़ के राजस्व का इजाफा होगा, अभी तक उसमें 4800 करोड़ सरकार के खाते में आ चुके हैं। 2017-18 में 10118 करोड़ रुपये राजस्व आबकारी विभाग को मिला। 2018-19 में 15005 करोड़ रुपये। पिछले वर्ष आबकारी विभाग का 48 फीसदी का राजस्व लाभ बढ़ा है। आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव धीरज साहू ने बताया कि इस बार का लक्ष्य 29,302 करोड़ है, जबकि पिछली बार का लक्ष्य 23,000 हजार करोड़ का था।

चीयर्स डेस्क

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