गौ रक्षकों का काम बियर कंपनियों ने किया आसान

बियर कम्पनियों के बढ़ते बाजार से गौर रक्षकों की समस्याएं भी हल हो रही हैं। बियर कंपनियां इस्तेमाल के बाद बचे अनाज को गायों को खिला रही हैं। कंपनियां बियर बनाने में जौ और गेहूं इस्तेमाल करती हैं और जो अनाज बच जाता है, उसे वह मामूली शुल्क लेकर स्थानीय किसान, डेयरी और पशुशाला को दे रही हैं। एबी इनबेव, यूनाइटेड ब्रेवरीज जैसी टॉप कंपनियों के साथ व्हाइट राइनो और सिंबा बीयर जैसी क्राफ्ट बियर कंपनियां ऐसा कर रही हैं।

ऑन लाइन ठगी, पैसे ट्रांसफर हुए पर नहीं पहुंचाई शराब

एबी इनबेव के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल प्रतिदिन 7,000 किलोग्राम से अधिक माल्ट मवेशियों को खिलाया गया था और इसके लिए नाममात्र का शुल्क लिया गया था। तेलंगाना ब्रेवरी से सबसे ज्यादा सप्लाई की जा रही है। यहां की दो ब्रेवरीज़ से आसपास के 10 गांवों के करीब 1,500 मवेशियों को चारा मिल रहा है। कंपनी ने तेलंगाना में मवेशियों तक चारा पहुंचाने के लिए इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी एरिड ट्रॉपिक्स के साथ साझेदारी की है।

कार के पीछे बीजेपी लिखवाकर करते थे शराब सप्लाई

पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मद्यपान करने वाले लोग बियर और इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) पर लगे सेस के जरिए गोरक्षा अभियान में योगदान दे रहे हैं। इन राज्यों में ग्राहकों को लिकर शॉप पर एक बीयर बॉटल पर 50 पैसे और आईएमएफएल पर 2 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ते हैं। वहीं, बार में यह रकम बढ़कर क्रमशः रू 5 और 10 रुपये हो जाती है। इन पैसों से गायों के रहने की व्यवस्था की जाती है।

भूटानी पानी वाली टेस्टी देशी बियर भारत आने को तैयार

बडवाइजर और कोरोना जैसे ब्रांड्स बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी बीयर कंपनी एबी इनबेव का कहना है कि वह इस साल मवेशियों तक चारा पहुंचाने के मॉडल को बड़े स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही है। वह कुछ अन्य ब्रेवरीज में प्रोसेस्ड गेन के साथ परीक्षण भी कर रही है। अमूमन, किसानों को बीयर कंपनियों से मिलने वाला चारा खुले बाजार के मुकाबले चार से पांच गुना सस्ता पड़ता है। यह चारा 48 घंटे तक ही पशुओं को खिलाने लायक रहता है। इसके बावजूद किसान इस चारे को काफी पसंद कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा कंपनियों को ये हो रहा है कंपनियों के लिए यह कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी इनिशिएटिव भी हो जाता है और उन्हें बदले में टोकन मनी भी मिल जाती है।

चीयर्स डेस्क

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