गिरीश कर्नाड की वजह से बदला शशि कपूर ने अपना ब्रांड

गिरीश कर्नाड की वजह से बदल गया था शशि कपूर की शराब का ब्रांड। शशि कपूर चूंकि बड़े और एक स्टार बाॅलीवुड के बेटे थे और बाॅलीवुड में कपूर खानदान की अपनी एक इमेज है तो वह विदेशी जाॅनी वाॅकर ब्लैक लेबल पीते थे। यह वही शराब है जो राजकपूर भी पीते थे। बाॅलीवुड की कई बड़ी हस्तियां यही ब्रांड पीती हैं।

लेकिन शशि कपूर की जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आया कि उन्होंने अपने साथी कलाकारों की वजह से अपने प्रिय ब्रांड जाॅनी वाकर ब्लैक लेबल को छोड़ दिया और भारतीय वोदका पीने लगे। बात उन दिनों की है जब गिरीश कर्नाड, श्याम बेनेगल और गोविंद निहलानी के साथ शशि ने फिल्म बनाना शुरू किया तो पता चला कि ये सभी निर्देशक हिंदुस्तानी वोदका पीते हैं। शशि कपूर दूसरों की भावनाओं के प्रति इस कदर समर्पित थे, ये मामूली बात नहीं है। जिसका दिल बहुत बड़ा हो, वही यह काम कर सकता है।

लंदन वाली ब्लैक लेबल पीते थे राजकपूर, दूसरों को यहीं की पिलाते थे

शशि कपूर को उनके बड़े भाई राज कपूर टैक्सी कहा करते थे। जैसे टैक्सी में एक मुसाफिर बैठता है फिर मीटर डाउन होता है, एक मुसाफिर उतरता है फिर दूसरा मुसाफिर बैठता है और मीटर डाउन होता है। इसी तर्ज पर शशि कपूर सुबह 8 बजे घर से निकलते और लगातार अलग अलग स्टूडियो में अलग अलग फिल्मों की शूटिंग किया करते थे। रात दो बजे तक काम करके वह घर लौटते थे इसीलिए राजकपूर ने उन्हें टैक्सी एक्टर कहकर पुकारा था।
सबसे बड़ी बात यह है कि इतनी मेहनत करके शशि कपूर ने जो पैसा कमाया, उसका आलीशान फार्म हाउस खरीदा, न ही 10-12 बंगले खरीदे, न ही कोई डिपार्टमेंटल स्टोर बनाया बल्कि उन पैसों से श्याम बेनेगल, गोविंद निहलानी, गिरीश कर्नाड जैसे निर्देशकों के साथ मिलकर सामाजिक सरोकार की फिल्में बनाईं। उनके समाजिक सरोकार ही ने उन्हें अपने साथी कलाकारों की इज्जत करना सिखाया था तभी तो उन्होंने अपने साथियों के ब्रांड को अपनाया ताकि उन लोगों में से किसी के दिल को चोट न पहुंचे की शशि बड़े ब्रांड की शराब पीते हैं और वे लोग इंडियन वोदका।

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शशि एक इंसान के रूप में बेहद शानदार व्यक्तित्व के मालिक थे और गिरीश कर्नाड के संग में आने के साथ उनके व्यक्तित्व में और निखार आ गया था। फिल्म निर्माण के दौरान जब वह शूटिंग के लिए बाहर जाते तो होटल में एक बड़ा कमरा शूटिंग स्टाफ के खाने पीने के लिए हमेशा खुला रहता और वहां टैक्नीशियनों और स्टाफ के लिए हर समय खाने और शराब का प्रबंध रहता था। शशि कपूर 36 चैरंगी लेन के प्रोड्यूसर थे जो फिल्म ऑस्कर के लिए गई थी और बहुमत से तय पाया गया कि यह फिल्म महान है इसे पुरस्कार देना चाहिए। लेकिन अंग्रेजी में बनी इस फिल्म की भारतीय भाषा के रूप में इंट्री हुई इसलिए ऑस्कर से महरूम रह गई। इसमें गिरीश कर्नाड भी थे। गिरीश कर्नाड के निधन पर चीयर्स डाॅट काॅम टीम की उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।

चीयर्स डेस्क

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