एक जाॅनी व्हिस्की भी थे बाॅलीवुड में, एक्टर और सिंगर

हिन्दुस्तानी फिल्मों में शराब के ब्रांड के नाम पर एक्टर्स के नाम होना शायद शुभ माना जाता है। इसीलिए तो अभी भी जाॅनी लीवर बने हुए हैं। उनकी कामेडी के फैन अभी भी हैं। लीवर को देखते ही हंसी आ जाती है। लेकिन ये जानना बेहद दिलचस्प है कि जानी लीवर से पहले जाॅनी वाकर और उनसे भी पहले एक जाॅनी व्हिस्की भी हुए हैं। यह एक संयोग ही है कि ये तीनों काॅमेडियन हुए हैं।

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आज यहां पर जाॅनी व्हिस्की के बारे में और उनसे जुड़े फिल्मी प्रसंग प्रस्तुत हैं। जाॅनी वाकर से पहले थे जाॅनी व्हिस्की। जाॅनी वाकर मध्य प्रदेश में पैदा हुए थे तो व्हिस्की हैदराबाद में। इसे संयोग ही कहा जा सकता है कि फिल्मी दुनिया के ये दोनों एक्टर मुसलमान थे और दोनों ही शराब नहीं पीते थे, जबकि इन दो एक्टरों को जो नाम मिला, वह एक मशहूर शराब ब्रांड का है। जाॅनी वाकर ने फिल्मों में बेहतरीन काॅमेडी का रोल किया है और उनके कई शानदार रोल अभी भी लोगों के दिलो दिमाग में छाए हुए हैं।

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जबकि जाॅन व्हिस्की ने ’दुल्हन बनूँ  मैं तेरी’, ’आखिरी संघर्ष’, ’दो वक्त की रोटी’, ’क़ातिल’, ’दिल की राहें’, ’जरूरत’, ’ब्रम्हा विष्णु महेश’, ’अलबेला’, ’गुनाहों के रास्ते’, ’एहसान’, ’मां का आंचल’, ’गुनाह और कानून’, ’दुनिया है दिलवालों की’, ’सहेली’, ’मेरे अरमान मेरे सपने’ और ’ओपेरा  हाउस’ जैसी मशहूर फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने कुल मिलाकर करीब 112 फिल्मों में बतौर एक्टर, 12 गीत भी अपने ऊपर शूट कराए। इसके अलावा उन्होंने बतौर सिंगर भी 12 गीतों की रिकार्डिंग कराई।

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जाॅनी व्हिस्की का असली शेख जैनुल आबेदीन था। वह हैदराबाद में 8 फरवरी 1932 को पैदा हुए। उन्होंने 1991 में एक फिल्म ’दिल में हो तुम’ को भी प्रोडयूस किया था। इस फिल्म में राहुल राय और रवीना टंडन मुख्य भूमिका में थीं। संजीव कुमार को भी लेकर वह एक फिल्म ’अदावत’ बना रहे थे कि संजीव कुमार की मौत हो गई और वह फिल्म डिब्बा बंद हो गई। इसके अलावा जानी व्हिस्की ने ’छैला बाबू’, ’सात सवाल’ और ’हुकुमनामा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। ’धीरे रे चलो…मेरी लंगड़ी बंदरिया’ उषा खन्ना के साथ जाॅनी व्हिस्की ने ही गाया है। सन 1979 में  मांट्रियल में जो रफी शो हुआ था उसमें जाॅन व्हिस्की ने खूब चुटकुले सुनाए थे। इसके बाद उन्हें काॅमेडियन के रूप में भी जाना जाने लगा था। वह शराब पीते थे या नहीं, यह कहीं नहीं मिलता हैै। लेकिन उनके साथ वाले लोगों का कहना है कि नहीं पीते थे। 7 दिसम्बर 2006 को मुम्बई में उनकी मृत्यु हो गई।

चीयर्स डेस्क

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