पानी के प्रबंधन में यूपी का बुरा हाल, ये राज्य बने अव्वल

केंद्र में दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद पानी को लेकर ज्यादा जोर पर है। यही वजह है कि इस बार जलशक्ति  के रूप में नया मंत्रालय बनाया गया।  साल 2024 तक हर घर तक पीने का पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।  शुक्रवार को नीति आयोग  की तरफ से कम्पोजिट वाटर मैनेजमेंट इंडेक्स (Composite Water Management Index) जारी किया गया।  चिंता और चुनौती के बीच नीति आयोग और जल शक्ति मंत्रालय ने आंकड़ों के जरिये देश में पानी की हालत बताई।  इंडेक्स के आंकड़े बताते हैं कि तीन साल के दौरान 80 फीसदी राज्यों ने पिछली बार से इस बार बेहतर किया है।

राज्यों का परफार्मेंस
वाटर बॉडीज को लेकर बेहतर परफॉर्म करने वाले राज्य मध्यप्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु  हैं।  वहीं, ग्राउंड वाटर को लेकर आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु , मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने जहां बेहतर काम किया है।  जबकि, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड,  झारखंड की हालात चिंताजनक है।  बात यदि शहरी जनता को स्वच्छ पानी मुहिया करवाने की करें मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, गोवा और उत्तराखण्ड अव्वल रहे हैं।  वहीं बिहार और असम में हालात खराब है।

जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जो राज्य पीछे रह गए हैं, वहां ज्यादा जोर लगाने की जरुरत है।  शेखावत ने ग्राउंड वाटर को लेकर चिंता भी जाहिर की।

पीने योग्य पानी
इसी तरह गांव में पीने योग्य पानी पहुंचाने के मामले में हिमाचल प्रदेश, पुडुच्चेरी, गुजरात ने अच्छा काम किया है।  वहीं, दिल्ली की स्थिति इस मामले सबसे खराब है।  नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि पश्चिम बंगाल, मिज़ोरम, मणिपुर और जम्मू कश्मीर ने जल को लेकर अपनी स्थिति नीति आयोग से साफ नहीं की है।

ज्यादा जोर लगाने की जरुरत है
जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जो राज्य पीछे रह गए हैं, वहां ज्यादा जोर लगाने की जरुरत है।  शेखावत ने ग्राउंड वाटर को लेकर चिंता भी जाहिर की।  शेखावत ने कहा कि वाटर मैनेजमेंट को लेकर जो इंडेक्स जारी हुआ है इससे सीख लेते हुए केंद्र और राज्य सरकारें और बेहतर तरीके से सामजस्य बनाकर काम करेंगी।

भाजपा सरकार का लक्ष्य
पिछली नीति आयोग की तरफ से रिपोर्ट जारी हुई थी जिसमें कहा गया था कि साल 2020 तक देश के 21 शहर डे जीरो हो जायेंगे।  यानी ग्राउंड वाटर की बुरी स्थिति हो जायेगी।  सरकार के लिए चिंता का विषय है।  ये यही वजह है कि इस बार पानी की स्थिति को सुधारने के लिए अलग मंत्रालय का गठन हुआ।  केंद्र सरकार का लक्ष्य 2024 तक गांवों में घर-घर नल से पानी मुहैया कराने का है।  जल्द सरकार जल जीवन मिशन को लेकर भी आगे कदम उठाने वाली है।  केंद्र औऱ राज्य मिलकर इस योजना पर काम करेंगे, जिसपर लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है।

चियर्स डेस्क 

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