‘दे दे प्यार दे’ में शराब की बोतल की जगह फूलों ने ली

हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ’दे दे प्यार दे’ के एक गाने ‘वड्डी शराबन’ में हीरोईन अपने हाथ में शराब की बोतल पकड़कर नाचते हुए दिख रही थीं, लेकिन बाद में इस गाने में शराब के बोतल को हटा कर उसकी जगह हीरोईन को फूलों का गुलदस्ता पकड़ा कर दृश्य को फिल्माते हुए दिखाया गया।

केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी)ने हिंदी फिल्म ‘दे दे प्यार दे‘ के निर्माता को यह सुझाव दिया कि वह फिल्म के एक गाने में शराब की बोतल को फूलों के गुलदस्ते से रिप्लेस कर सकते हैं। अपनी वेबसाइट पर सीबीएफसी ने उल्लेख किया है कि अजय देवगन, तब्बू और रकुल प्रीत स्टारर इस फिल्म को तीन कट्स के बाद इसे यू/ए प्रमाण पत्र दिया गया। इस फिल्म कहानी यूं है कि एक उम्रदराज़ यानी अधेड़ उम्र के व्यक्ति की एक जवान लड़की से प्यार हो जाता है। इस व्यक्ति का तलाक हो चुका है उसके दो बच्चे भी हैं जो उसकी गर्लफ्रेंड की उम्र के ही हैं। जब ये दोनों गांव जाते हैं तो वहां इनकी सबसे मुलाकात होती है तो नया लफड़ा शुरु हो जाता है। गांव में सबसे बड़ी चर्चा इस पर छिड़ती है बूढ़े से व्यक्ति की इतनी जवान गर्लफ्रेंड कैसे बन गई।

इस फिल्म में जो एक कट किया गया है, उसके बारे में लिखा गया है, ‘‘फिल्म के एक गाने ‘वड्डी शराबन‘ में हीरोईन अपने हाथ में शराब की बोतल को पकड़कर नाचते हुए दिख रही थीं, जिसमें शराब के बोतल को डिलीट कर उसकी जगह हीरोईन को फूलों का गुलदस्ता पकड़कर दृश्य को फिल्माते हुए दिखाया गया।‘‘ लोकसभा चुनाव के कारण इस पर बहस लगभग नहीं ही हुई कि आखिर हीरोईन को शराब की बोतल के स्थान पर फूलों का गुलदस्ता पकड़ा देने से क्या फर्क पड़ गया और कौन सा संदेश दर्शकों को चला गया। अगर शराब की बोतल के साथ ही वह गीत शूट हो जाता तो क्या गलत संदेश चला जाता। आपत्ति क्या थी, यह सीबीएफसी ने स्पष्ट नहीं किया है।

इस फिल्म में इस गीत के अलावा दो और दृश्य और संवादों पर कैंची चलाई गई है। इनमें से एक दृश्य में संवाद ‘परफार्मेस बेटर होती है‘ के साथ जो दृश्य दिखाए गए हैं उन्हें काटा गया है। फाइनल कट में भी कुछ दृश्य और संवाद थे जैसे कि ‘मन्नू जी के आलू ओ हो हो..वही अच्छे हैं.‘ .और ‘कि ये सब झूठ है।‘ लव रंजन इस फिल्म के निर्माता हैं और इसे अकीव अली ने निर्देशित किया है। यह फिल्म 17 मई को रिलीज हुई है।

इस फिल्म को लेकर पहला विवाद तब खड़ा हुआ जब इसका ट्रेलर लॉन्च हुआ था, क्योंकि इसमें अभिनेता आलोक नाथ को दिखाया गया था जिन पर हैशटैग मी टू मूवमेंट में दोषी होने का आरोप लगा था।

चीयर्स डेस्क

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