कलेक्टर को चिकन और दारू… पहुंचाया तो कार्रवाई

लगता है मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों को चिकन और शराब के तोहफे बहुत मिलते हैं, शायद तभी तो गुना जिले में अपर कलेक्टर दिलीप मंडावी के खिलाफ एसडीएम शिवानी गर्ग का व्हाट्सएप पर फरमान चर्चा में आने के बाद अब मामला मंत्रालय पहुँच गया है। एडीएम मंडावी के खिलाफ जिले के अधिकारियों ने प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को एक शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें एसडीएम शिवानी गर्ग समेत नायब तहसीलदार, आरआई एवं पटवारियों के नाम एवं हस्ताक्षर हैं।

  कौन छापा मारेगा शराब की दुकान पर….!

शिकायत में कहा गया है कि एडीएम मंडावी शराब, मांस एवं अन्य निजी उपयोग की वस्तुओं की मांग करते रहते हैं एवं मांग पूरी नहीं होने पर झूठे केस बनाकर लोगों का भविष्य खराब करने की धमकी देते हैं। वे तीन महीने से विश्राम गृह में ठहरे हैं, जिसका भुगतान भी अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। वह स्वयं इसका भुगतान नहीं करते हैं और इतनी किसी की हिम्मत नहीं है कि उनसे भुगतान करने को कहे। वह अपना पूरा खर्चा वहां के कर्मचारियों के सिर ही मढ़ रहे हैं।

ऑन लाइन ठगी, पैसे ट्रांसफर हुए पर नहीं पहुंचाई शराब

गौरतलब है कि इससे पहले एसडीएम शिवानी गर्ग का व्हाट्सएप पर एक फरमान वायरल हुआ था जिसमे लिखा था ‘कोई भी एडीएम को दारू और चिकन नहीं पहुंचाएगा। अगर किसी ने ऐसा किया, तो उसके खिलाफ मैं कार्रवाई करूंगी।” हालांकि मामले ने तूल पकड़ा, तो पटवारियों को बुलाकर उनके मोबाइल से इस मैसेज को डिलीट भी करा दिया गया था। हालांकि यह मामला पुराना बताया जा रहा है। लेकिन अब मामला भोपाल पहुँच चुका है। जल्द ही मामले सम्बंधित सभी अधिकारियों को तलब किया जा सकता है।

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सूत्रों का कहना है कि मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों में इस बात को लेकर काफी चर्चा है। सूत्र यहां तक कह रहे हैं कि ये तो हमेशा से होता रहा है, अब बात अलग है कि भोपाल में सरकार बदल चुकी है और शासन स्तर पर अधिकारियों में  फेरबदल के बाद कार्य संस्कृृति भी बदली है। इसी कारण इस तरह की शिकायतें होने लगी हैं। वर्ना पहले तो इस तरह से ही कार्य होता था।

सूत्रों के अनुसार एसडीएम शिवानी गर्ग का फरमान कोई नया नहीं है, पहले ही इन्होंने इस तरह का फरमान जारी किया था लेकिन किसी ने इस पर ध्या नही नहीं दिया। इस बार कुछ कर्मचारियों, जो इस अपर कलेक्टर से नाराज थे, उन्होंने इसे पत्रकारों को फारवर्ड कर दिया। उसी के बाद से यह वायरल हो गया और बात भोपाल तक पहुंच गई और मंत्रालय में भी इस पर चर्चा हो गई।

चीयर्स डेस्क

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