बिना कुछ किए ही यूपी सरकार की कमाई बढ़ रही शराब से

यूपी में शराब उपभोक्ताओं से कमाई के रोज ही नए नए किस्से सामने आने लगे हैं। यूपी सरकार राज्य के शराब उपभोक्ताओं से कमाई करने में अव्वल होने के साथ ही नित नए रास्ते खोजती दिख रही है। यूपी में शराब की दुकानों का आवंटन भले ही पूरा न हो पाया हो, लेकिन आबकारी राजस्व दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है।

आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2019-20 के पहले महीने अप्रैल में आबकारी राजस्व पिछले साल की अपेक्षा 18.21 प्रतिशत बढ़ गया। पिछले साल अप्रैल में सरकार को 2363.60 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि इस साल अप्रैल महीने में 430.46 करोड़ रुपए बढ़ कर यह राजस्व 2794.06 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

देशी 20 और अंग्रेजी की 11 फीसदी बिक्री बढ़ी

आबकारी विभाग का दावा है कि यूपी में शराब की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा इस साल अप्रैल 2019 में देशी शराब की खपत में करीब 20 प्रतिशत और अंग्रेजी शराब में 11.8 फीसदी की खपत बढ़ी है।

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यूपी में अप्रैल 2018 में देशी शराब 3.26 करोड़ बल्क लीटर बिकी थी जबकि अप्रैल 2019 में 3.42 करोड़ बल्क लीटर शराब की बिक्री हुई जो सरकारी तय लक्ष्य (एमडीक्यू) से 13.6 फीसदी अधिक है। इसीलिए यूपी सरकार शराब उपभोक्ताओं के प्रति बिल्कुल चिंतित नहीं नजर आती क्योंकि जब बिना कुछ किए ही शराब बिक रही है तो शराब की गुणवत्ता की चिंत करने की जरूरत ही क्या है।

आबकारी विभाग के आंकड़ों  के अनुसार देशी ही की तरह अंग्रेजी शराब इस साल अप्रैल में 1.67 करोड़ बिकी, जो पिछले साल अप्रैल महीने में बिकी 1.51 करोड़ बोतल से 11.08 फीसदी ज्यादा है। अप्रैल महीने में हुई बियर की बिक्री भी पिछले साल की अपेक्षा 18 फीसदी ज्यादा रही। पिछले साल बीयर की 3.20 करोड़ बोतल बिकी थीं जबकि इस साल अप्रैल में ही बीयर 3.78 करोड़ बोतल बियर बिकी।

600 दुकानों का आवंटन नहीं
नई नीति के मुताबिक प्रदेश की 26 हजार शराब, बियर और मॉडल शॉप में से शराब कारोबारियों ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 66 फीसदी दुकानों के साथ मॉडल शॉप का नवीनीकरण करवाया था। प्रक्रिया अनुसार 33 फीसदी दुकानों और मॉडल शॉप का आवंटन ई-लॉटरी के जरिए होना था। पहले चरण की ई-लॉटरी में रिक्त 8660 दुकानों में से 3,515 दुकानों का ही आवंटन हुआ। उसके बाद पांच चरणों की ई-लॉटरी होने के बाद भी अभी तक 1200 दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया है। इन 12 सौ दुकानों में छह सौ दुकानें शराब और बियर की हैं।

अंग्रेजी शराब से मिला सबसे ज्यादा राजस्व अप्रैल 2019 में

देशी शराब 978.82 करोड़ रुपए

अंग्रेजी शराब 1028.78 करोड़ रुपए

बियर 434.80 करोड़ रुपए

अन्य 351.98 करोड़ रुपए

चीयर्स डेस्क

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