भारत और चीन में तेजी से बढ़ रहे हैं शराब उपभोक्ता

शराब से मरने वालों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है लेकिन शराब पीने वाले लोगों की तादाद भी उतनी हीे तेजी से बढ़ती जा रही है। चीन और भारत में शराब पीने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अभी तक यूरोप के कुछ देश और रूस ही पीने वालों की फेहरिस्त में सबसे आगे था। इस आंकड़े के साथ ही शराब से मरने वालों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है।

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पूरी दुनिया में शराब हर साल करीब 33 लाख लोगों की जान ले लेती है। इतनी बड़ी तादाद में तो एड्स, टीबी और हिंसा भी लोगों को नहीं मार पाती जितना शराब मार देती है। दुनिया भर में देखा जाए तो हर 20 मौतों में एक मौत शराब से होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संख्या बढ़ भी सकती है। शराब से होने वाली मौतों में नशे में गाड़ी चलाने से होने वाली मौतें भी शामिल हैं।

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संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ के शेखर सक्सेना कहते हैं कि आंकड़ों को देखा जाए तो हर 10 सेकेंड पर एक व्यक्ति शराब की वजह से मरता है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012 में 33 लाख लोग शराब के नशे का शिकार बने। विश्व भर में मरने वाले लोगों में से करीब 6 प्रतिशत शराब की वजह से मरते हैं। डब्ल्यूएचओ में काम कर रहे ओलेग चेस्टनोव कहते हैं कि शराब के बुरे असर से आम लोगों को बचाने की जरूरत है। शराब से स्वास्थ्य को बहुत नुकसान होता है और 200 से ज्यादा स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां शराब से ही होती हैं। इनमें कैंसर के साथ लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां शामिल हैं। नई खोज बताती है कि निमोनिया, एड्स और टीबी होने का खतरा भी शराब से बढ़ जाता है क्यांेकि अधिक शराब पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

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डब्ल्यूएचओ का कहना है कि शराब अब उन देशों में मशहूर हो रही है जहां पारंपिक तौर पर शराब को बुरा माना जाता था। ऐसे देशों में भारत और चीन प्रमुखता से शामिल हैं। इन देशों के लोगों के पास ज्यादा पैसा होने से वह शराब खरीदने लगे हैं। संगठन का कहना है कि चीन में साल 2025 तक एक साल में एक व्यक्ति 1.5 लीटर शुद्ध शराब पीने लगेगा।

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लेकिन अब भी शराब के शौकीन सबसे ज्यादा रूस और पूर्वी यूरोप में पाए जाते हैं। 2010 के आंकड़ों के मुताबिक रूस में प्रति व्यक्ति औसतन 32 लीटर शराब पी जाती है। इसके बाद कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की बारी है। पूरी दुनिया को एक साथ लिया जाए तो 15 साल की उम्र से ऊपर हर व्यक्ति एक साल में 6.2 लीटर शराब पीता है।

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लेकिन इन हैरान करने वाले आंकड़ों के बावजूद दुनिया में ऐसे भी देश हैं जहां लोगों ने कभी शराब नहीं पी हैं। इनमें कुछ इस्लामी देश के लोग हैं जहां शराब पीना वर्जित है। कम आमदनी वाले देशों में भी शराब कम ही पी जाती है क्योंकि वहां जीवन जीने के साधन कम से कम हैं।

चीयर्स डेस्क

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