बेवड़ी हो गई ब्रिटिश प्रिंस की एस्टन मार्टिन कार

’शराब पीकर गाड़ी न चलाएं….इस तरह के साइन बोर्ड तो जगह जगह देखने को मिल जाते हैं, लेकिन लंदन में जल्द ही ऐसा बोर्ड भी नजर आने वाला है कि ’कोई कार शराब पीकर न चले….’।  हद तो ये है कि ड्राइवर तो ये बिना पिए कार चलाने और नियम कानून को फॉलो करने को तैयार बैठा है। लेकिन कार ही नहीं मान रही है। वो बिना पैग ढरकाए एक इंच बढ़ने को तैयार नहीं दिख रही है। उसका हाल है किसी बड़े से बड़े शराबी से कम नहीं है।

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ये बेवड़ी कार दरअसल शाही कार है, इसीलिए राजाओं वाले शौक हैं। राजाओं के शौक तो बड़े होते ही हैं तो उनकी कार के नखरे कैसे छिटक जाएं। अब इसी कार की बात की जाए तो ये कार है ब्रिटिश राजशाही परिवार के प्रिंस चाल्र्स की। ये कोई सस्ती टाइप की कार नहीं बल्कि एस्टन मार्टिन का विंटेज मॉडल है। अब इत्ती मंहगी कार जब ब्रिटिश राजमहल में रहेगी तो क्यों न हो जाएं उसके दिमाग खराब, इतने खराब कि अब ये कार दारू पीती है। या यूं कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि ये दारू से ही चलती है।

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बात ये सामने आई तब जब 2008 में प्रिंस चाल्र्स ने ऐलान किया कि वे अपने खर्चों में कटौती करेंगे। राजसी ठाट बाट छोड़ कर नहीं तो उनमें कमी जरूर करेंगे। इसी के चलते उन्होंने यह भी तय किया कि अब वे अपनी पुरानी 38 साल पुरानी एस्टन मार्टिन कार से घूमेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान कर दिया कि अब वह पर्यावरण को बचाने में मदद करने के मिशन के तहत गंदे पैट्रोलियम को भी न कह देंगे और बायो पेट्रोल यूज करेंगे।

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लेकिन बायो पैट्रोल का सही वक्त पर इंतेजाम नहीं हो पाया और प्रिंस का उस कार से चलने का समय आ गया। मरता क्या ना करता, कुछ तो करना ही था कि जैसे तैसे प्रिंस को पहुंचाना जो था। तो ड्राइवर ने जो अपने लिए शराब रखी हुई थी, झुंझलाहट में उसी को कार की टंकी में उंडेल दिया ये सोच कर कि अब ये खराब हो जाएगी और फिलहाल उसे इस कार को चलाने से निजात भी मिल जाएगी। लेकिन हुआ उसका उलटा। कार शराब से चलने लगी और चलती ही गई। तब से ये कार इसी तरह शराब से चल रही है।

चीयर्स डेस्क

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