अंग्रेजी में भी मिलावट, बाजार भाव से सस्ती बेचते थे

यूपी के बाराबंकी के रानीगंज के जिस देशी शराब ठेके से बेची गई शराब से करीब दो दर्जन मौतें हुई हैं। उसी के पास में एक अंग्रेजी शराब की भी दुकान है। लकड़ी की गुमटी में चलने वाला देशी शराब का ठेका बीच चैराहे पर है तो बगल में ही अंग्रेजी शराब की दुकान भी इसी तरह से खूब चलती है। ये दोनों दुकानें बाजार भाव से कम दामों पर शराब की बिक्री के लिए मशहूर हैं।

इन दोनों के ठेकेदार एक ही हैं। इन दोनों ठेकों पर बाजार भाव से सस्ते मूल्य पर शराब मिलती थी। जिस शराब का बाजार भाव 75 है उसे ये लोग 40 रुपए में बेचते थे, क्योंकि उसमें पानी भरते रहते थे। पानी के साथ ही इथाइल की जगह मिथाइल मिलाकर भी अंग्रेजी शराब की तीव्रता को बनाए रखने के जतन किए जाते थे। इतना ही नहीं, इस मिलावट में कभी कभी राब और गुड़ का घोल भी मिला दिया जाता था।

सूत्र बताते हैं कि दोनों के मालिक लोग एक ही हैं और किसी अन्य नाम से ठेके उठाते रहते हैं। देशी और अंग्रेजी दोनों यही लोग चलाते हैं। यहां पर टाट की पन्नी डालकर दिनभर खुलेआम शराब पिलाई भी जाती है। सोमवार को जब रानीगंज में शराब ठेके से खरीदी शराब को पीकर मौतों का सिलसिला शुरू हुआ तो इन लोगों ने कच्चा माल व तैयार करने के उपकरण एक किलोमीटर दुकान के पीछे एक स्थान पर झाड़ियों में फेंक आए। वहां के ग्रामीणों ने इस माल को बाहर निकाला। इसमें देशी शराब व अंग्रेजी शराब की खाली बोतलें निकलीं। जहां पर ग्रामीणों ने ये उपकरण और अन्य सामान बरामद किया है, वहां पर कई बोतलों में केमिकल था और पास में कई बड़े सिरिंज थे।

बरामद सामान से साफ हो रहा है कि देशी और अंग्रेजी दोनों में मिलावट यही लोग करते थे। इसीलिए ये लोग बाजार भाव से सस्ते दामों पर बेचते थे। इस मिलावट के खेल में स्थानीय पुलिस भी शामिल थी। सूत्रों के अनुसार बाजार भाव से सस्ती शराब की बिक्री की सूचना पुलिस को कुछ लोगों ने दी थी। पुलिस ने आकर इस बाबत इन ठेकों पर कुछ दिन पहले ही पूछताछ भी की थी। सूत्रों के अनुसार दोनों ठेकों के मालिकों ने पुलिस वालों की इतनी आवभगत कर दी कि शिकायत धरी की धरी रह गई। ग्रामीणों ने बताया कि इन दो ठेकों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें कीं लेकिन जब कुछ नहीं हुआ तो लखनऊ जाकर शिकायत करने पर भी विचार किया जा रहा था लेकिन तब तक इतनी बड़ी घटना हो गई और स्थानीय ग्रामीणों और अन्य लोगों की आशंका रानीगंज के दुर्भाग्य में बदल गई।

चीयर्स डेस्क

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