अगर मां ने पी शराब तो झेलता है गर्भ में पल रहा बच्चा !

गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। इस विषय में पहले भी कई अध्ययन हो चुके हैं। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान शराब की थोड़ी सी भी मात्रा भ्रूण के विकास में बाधा उत्पन्न कर सकती है। इस शोध से यह भी पता चला कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन महीने यानी पहले ट्राइमिस्टर में भी शराब का सेवन नुकसानदेह होता है।

वजन कम

गर्भावस्था के दौरान शराब के ज्यादा सेवन से बच्चे का वजन कम होने का खतरा बना रहता है। ब्रिटेन के ब्राडफोर्ड में 11 हजार माताओं पर किए गए अध्ययन से पता चला कि गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में शराब के सेवन से बच्चे की लंबाई पर असर पड़ता है, जिससे उसका वजन सामान्य बच्चों के मुकाबले कम हो सकता है।

मिर्गी का खतरा

ओंटारियो की क्वींस यूनिवर्सिटी के एक शोध से पता चला कि गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से पैदा होने वाले बच्चे को आगे चलकर र्मिगी रोग होने का खतरा बना रहता है। शराब के सेवन से भू्रण के मस्तिष्क विकास पर भी विपरीत असर पड़ता है। मां के शराब पीने से बच्चे को और भी कई तरह के खतरे हो सकते हैं।

गर्भपात का खतरा

गर्भावस्था में शराब पीने से गर्भपात हो सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान शराब पीने वाली महिलाओं के बच्चों को बड़े होने पर किसी चीज को सीखने, मंच पर भीड़ के सामने बोलने और किसी चीज पर ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है।

अपराधी रुझान

डेनमार्क में हुए शोध से पता चला कि गर्भावस्था के दौरान हफ्ते में एक बार शराब पीने वाली महिलाओं के बच्चे भविष्य में आक्रामक और अपराधी प्रवृत्ति वाले हो सकते हैं।

लड़कियों पर असर

गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन लड़कों के तुलना में लड़कियों पर ज्यादा विपरीत असर डालता है। यदि गर्भ में लड़की का भू्रण पल रहा है और मां शराब का सेवन करती हैं तो इससे बच्ची को मस्तिष्क संबंधी परेशानी हो सकती है। साफ है कि गर्भावस्था के दौरान शराब पीना होने वाले बच्चे के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

चीयर्स डेस्क

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