अब यूपी में अवैध शराब बनाने वालों को सुधारने की पहल

यूपी में अवैध शराब से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सरकार ने एक अच्छी पहल की है। कच्ची शराब बनाने और बेचने वाले परिवारों को नशे के गैरकानूनी धंधे से निकालने का जिम्मा उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने लिया है। पुलिस और प्रशासन की मदद से मिशन की टीमें ऐसे गांवों को चिह्नित कर वहां की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ रही हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के स्वयं सहायता समूह बनाकर उन्हें रोजगार के प्रशिक्षण के साथ आर्थिक मदद दी जा रही है। इस अभियान की शुरुआत हरदोई के 25 गांवों से की जा चुकी है।

ग्राम्य विकास आयुक्त रहे एनपी सिंह ने बताया कि यूपी में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए आजीविका मिशन को टास्क दिया गया है। इसके तहत मिशन की टीमें जिलों में प्रशासन और पुलिस की मदद से ऐसे गांवों को चिह्नित करेंगी, जहां लोग शराब के अवैध कारोबार में लिप्त हैं। इस धंधे से जुड़े परिवारों की महिलाओं और बुजुर्गों के समूह गठित कर उन्हें स्वरोजगार के लिए आर्थिक व तकनीकी सहायता दी जा रही है।

मिशन की मदद से इन समूहों को सिलाई, अगरबत्ती, मोमबत्ती, दोना-पत्तल, टैडी बियर, आचार, मुरब्बा, जैम बनाने के साथ खेती और बागवानी का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग पेंशन योजना के अलावा आवास, शौचालय सहित कई योजनाओं का लाभ भी दिलवाया जा रहा है।

हरदोई जिले के कसियापुर, जमुनिया पुरवा, नीर, कसमंडी, बेनीगंज अटवा, नेवादा, कछौना का नटपुरवा, परचल रसूलपुर, नेकपुर, हातिमपुर, बरउना, दौलतयारपुर, कंजड़पुरवा, बेगमगंज, कासिमपुर देवारी, रामपुर, भटौली, बरगदी, डिरौली कुतुबनगर, परेली, मझिला का नई बस्ती व पारा, जमालपुर, अन्ना, अरवल सुल्खामऊ, बेहटागोकुल, बिजगवां, हरियांवा का कुरसेली, टड़ियावां का भराव और पिहानी का दानपुर गांव को इस कार्य के लिए चिन्हित किया गया है।

ग्राम्य विकास विभाग का प्रयास है कि ये लोग मुख्यधारा में शामिल हों और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। जल्द इसे प्रदेश के अन्य जिलों में शुरू करने की योजना है। इसी मकसद से नशे के कारोबार में लिप्त परिवारों की महिलाओं और बुजुर्गों को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

चीयर्स डेस्क

loading...
Close
Close