65 रुपए वाली कासबर्ग बियर मिलती है 190 रुपए में !

पांच पर्सेन्ट अल्कोहल वाली 650 मिलीलीटर की कासबर्ग बियर बाजार में 190 रुपए की मिलती है। लेकिन इसकी उत्पादन लागत लगभग 65 रुपए ही है। शेष 125 रुपए प्रति केन सरकार इस पर टैक्स लगाती है। इसीलिए कासबर्ग बियर 190 रुपए की बाजार में मिलती है। ये बात सुनने में आश्चर्यजनक जरूर लगती है लेकिन है एकदम सच। आबकारी विभाग से इन आंकड़ों की पुष्टि की जा सकती है।

शराब देशी हो या विदेशी, इस पर लगने वाला टैक्स इसके उत्पादन लागत से दो गुने से बहुत अधिक है। यहां पर हम केवल कासबर्ग और टूबर्ग बियर के दामों का अर्थशास्त्र बता रहे हैं कि यूपी में शराब उपभोक्ता को जो शराब बाजार में मिल रही है उस पर वह कितना टैक्स दे रहें है। आबकारी विभाग के आंकड़े बताते हैं कि यूपी का शराब उपभोक्ता पूरे देश में सबसे अधिक टैक्स सरकार को देने वाला टैक्स पेयर है। पांच पर्सेन्ट अल्कोहल वाली कासबर्ग की उत्पादन लागत 65 रुपए की है लेकिन उस पर सरकार 125 रुपए टैक्स ले लेती है, तो वह बाजार में 190 रुपए की मिलती है। इस 190 रुपए में थोक विक्रेता को प्रति केन 1.80 रुपए तथा फुटकर विक्रेता को प्रति केन 17 रुपए मुनाफा भी शामिल है। इन 17 रुपए में ही दुकानदार को दुकान का किराया, बिजली, फ्रिज, नौकर आदि की व्यवस्था करनी होती है।

यूपी में शराब का अर्थशास्त्र-2

कासबर्ग स्मूथ सुपर प्रीमियम लागर, 500 मिली लीटर और पांच पर्सेन्ट अल्कोहल वाली बियर बाजार में 150 रुपए में मिलती है। इस पर सरकार 97.42 पैसे टैक्स वसूलती है। यानी इसका वास्तविक मूल्य लगभग 53 रुपए हुआ। इसी प्रकार 650 मिलीलीटर कासबर्ग एलीफैन्ट स्ट्रांग, जिसमें 8 फीसदी अल्कोहल होता है, वो भी बाजार में 190 रुपए की मिलती है। यानी अगर सरकार 127.31 टैक्स न ले तो ये बियर बाजार में 65 रुपए के आसपास मिलने लगे। कासबर्ग एलीफैन्ट स्ट्रांग सुपर प्रीमियम बियर 500 मिलीलीटर, जिसमें 8 फीसदी अल्कोहल होता है, बाजार में 150 रुपए की मिलती है। इस 150 रुपए में सरकार 98 रुपए 78 पैसे टैक्स लगा देती है। यानी ये बियर भी अपनी उत्पादन लागत 51 रुपए 12 पैसे से करीब तीन गुना दामों पर बाजार में बिकती है।

टूबर्ग बियर का भी यही हाल है, 650 मिलीलीटर वाली टूबर्ग स्ट्रांग एक्सपोर्ट प्रीमियम बियर, जिसमें  8 पर्सेन्ट अल्कोहल होता है, बाजार में  140 रुपए की मिलती है। इस पर भी सरकार 90 रुपए 36 पैसे टैक्स लगा देती है। यानी इसका वास्तविक मूल्य 49 रुपए 64 पैसे है। टूबर्ग स्ट्रांग प्रीमियम बियर, 500 मिलीलीटर, बाजार में 110 रुपए में मिलती है, इस पर सरकार 68 रुपए 82 पैसे टैक्स लेती है। अगर टैक्स हटा दिया जाए तो ये लगभग 42 रुपए की मिलेगी। इसी प्रकार टूबर्ग ग्रीन बियर लागर, 650 मिलीलीटर बाजार में 130 रुपए की मिलती है। इस पर सरकार 82 रुपए 59 पैसे टैक्स लेती है। बिना टैक्स के इसकी कीमत लगभग 48 रुपए हुई। टूबर्ग ग्रीन लागर, 500 मिलीलीटर बाजार में 100 रुपए की मिलती है। इस पर सरकार 60 रुपए 53 पैसे टैक्स लेती है। बिना टैक्स इसका मूल्य लगभग 40 रुपए पड़ता है। टूबर्ग ग्रीन बियर लागर, 330 मिलीलीटर, ये बाजार में 70 रुपए की मिलती है। इस पर सरकार लगभग 45 रुपए टैक्स लेती है। बिना टैक्स के इसका मूल्य मात्र 25 रुपए हुआ।

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टूबर्ग क्लासिक ब्लैक सुपर स्ट्रांग बियर, 650 मिलीलीटर, आठ पर्सेन्ट अल्कोहल वाली बियर बाजार में 150 रुपए की मिलती है। इस पर सरकार 97 रुपए 56 पैसे टैक्स लेती है। ये टैक्स न लगे तो इसका मूल्य लगभग 53 रुपए आएगा। टूबर्ग क्लासिक ब्लैक सुपर स्ट्रांग बियर 8 पर्सेन्ट अल्कोहल वाली, बाजार में 120 रुपए की मिलती है। इस पर सरकार 76 रुपए 66 पैसे टैक्स लेती है। यानी इसका वास्तविक मूल्य लगभग 44 रुपए है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शराब उपभोक्ता ही सबसे बड़ा टैक्स पेयर है।

शशांक तिवारी, लखनऊ से

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