विधवाएं ही रह गई हैं यहां, पति लोग पीकर मर गए !

ये सुना तो जाता है कि शराब ने गांव के गांव उजाड़ दिए, लेकिन ऐसा वास्तव में हो जाता होगा, विश्वास नहीं होता। लेकिन झारखंड का गांव ब्राम्बे ऐसा ही एक गांव है जहां अब सिर्फ विधवाएं रहती हैं। इसी गांव की युवा चुमानी उरांव के पति बजरंग ने इसलिए खुदकुशी कर ली, क्योंकि चुमानी ने उन्हें शराब पीने से मना किया था। अब चुमानी के हिस्से पहाड़ सी जिंदगी है और बजरंग की यादें। वे अपनी पांच साल की बेटी अल्का के साथ ब्राम्बे गांव में रहती हैं। ये उनकी ससुराल है। चुमानी को इसका कतई अंदेशा नहीं था कि शराब को लेकर हुई जरा सी कहासुनी उसकी जिंदगी को इस तरह सूना कर देगी।

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वह अब केंद्रीय यूनिवर्सिटी, झारखंड में चपरासी लग गई हैं, ताकि अपनी बेटी और सास ससुर की जिंदगी को पटरी पर ला सकें। चुमानी और बजरंग का साथ सिर्फ आठ साल रहा। चुमानी उरांव ब्राम्बे गांव की उन दर्जनों विधवा महिलाओं में से एक हैं, जिनके पति शराब के कारण दुनिया से चले गए।

झारखंड की राजधानी रांची से 25 किलोमीटर दूर रांची लोहरदगा हाइवे पर करीब 900 घरों वाले ब्राम्बे गांव के कम से कम 200 घरों में ऐसी महिलाएं रहती हैं, जो शराब के कारण विधवा हो गई हैं। सोहाद्रा तिग्गा, विशुन देवी, सुकरी उराइन, मही उराइन, सुकरू तिग्गा के पतियों की मौत भी शराब के कारण हो चुकी है। किसी के पति नशे में दुर्घटना के शिकार हो गए, तो कोई बीमार होकर मर गया….यहां की हर विधवा का अपना अलग दर्द है और इसकी वजह सिर्फ शराब है।

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इसी गांव की विशुन देवी कहती हैं, वे पीने पिलाने गए थे। खूब शराब पीने के बाद घर के लिए निकले लेकिन रास्ते में ही गिर गए, और उनकी मौत हो गई। कई घंटे बाद किसी ने उन्हें सड़क किनारे पड़ा देखा, तो लाश घर पर आई। अब मैं अपनी तीन बेटियों और दो बेटों को पालने पोसने के लिए मजदूरी करती हूं। सुकरू कहती हैं कि उनके पति ने पीना छोड़ दिया था। शराब के कारण उन्हें दवा निगलने में भी परेशानी होती थी। उनकी मौत पीते पीते हो गई। इस तरह मही उराइन के पति सुगना उरांव को अत्यधिक उल्टियां हुईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नहीं बचाया जा सका। उनकी मौत हो गई। मही उराइन अब अपने बच्चों के साथ अकेले रहती हैं।

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सरकारी अमले के लोगों का कहना है कि ब्राम्बे में कम उम्र में लोगों की मौत की मुख्य वजह शराब ही है। यहां जागरुकता के कई कार्यक्रम चलाए गए और वहां के लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना भी शुरु की गई है। लेकिन सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि यहां करीब 200 लोगों की मौत शराब से हो चुकी है, इसके बावजूद लोगों में शराब पीने की चाहत घटने के बजाए बढ़ रही है।

चीयर्स डेस्क

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