होली पर यूपी वालों ने गटक ली 640 करोड़ की शराब

होली और शराब एक दूसरे के बिना अधूरे से लगते हैं…यही कारण है कि होली पर शराब की बिक्री बढ़ती जा रही है। इस होली पर यूपी वालों ने 640 करोड़ रुपए की शराब गटक ली। ये आंकड़ा तब हैं  जबकि क्लोजिंग के कारण मनपसंद ब्रांड मिल नहीं रहे थे। फिर भी लोग नहीं माने और जो मिला, वही पिया। होली की मस्ती के संग जाम भी खूब छलके और इतना छलके कि पिछले साल की होली से इस साल 165 करोड़ रुपए की अधिक पी गए। पिछले साल होली पर 475 करोड़ रुपए की शराब बिकी थी।

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लेकिन इस बार होली में बियर पिट गई और नंबर तीन पर चली गई। शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा अंग्रेजी शराब की बिक्री हूई। दूसरे नंबर पर देशी रही और तीसरे नंबर पर बियर। यूपी शराब एसोसिएशन के महासचिव कन्हैया लाल मौर्य ने बताया कि 19, 20 और 22 मार्च को करीब 640 करोड़ रुपए की शराब पूरे यूपी में बिकी। उनके अनुसार यूपी में आम तौर पर रोजाना 12-13 करोड़ की शराब की बिक्री होती है। इस हिसाब से देखें तो सामान्य तीन दिनों में यहां 37-38 करोड़ रुपए की शराब बिकती है। लेकिन त्यौहार और विशेष रूप से होली के त्यौहार पर शराब की बिक्री तेजी से बढ़ती है।

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यूपी की राजधानी लखनऊ में होली के इन तीन दिनों में करीब 16 करोड़ रुपए की शराब और बियर की बिक्री हुई। ये बिक्री सामान्य दिनों की बिक्री से करीब तीन गुना अधिक थी। आम तौर पर सामान्य दिनों में 4-5 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री होती है। लेकिन होली के इन तीन दिनों में यहां करीब 8 करोड़ रुपए की अंग्रेजी शराब, 6 करोड़ पचास लाख की देशी और डेढ़ करोड़ रुपए की बियर की बिक्री हुई।

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भारत में अभी शराब का मार्केट में केवल 0.08 प्रतिशत ही योगदान है। हालांकि शराब को सरकार ने जीएसटी से मुक्त रखा है फिर भी यूरोप के मुकाबले भारत में अल्कोहल की खपत 2016 में प्रति सप्ताह प्रति व्यक्ति 148 मिलीलीटर ही दर्ज की गई। वर्ष 2022 तक भारत में शराब की खपत 16 अरब लीटर से अधिक हो जाने का अनुमान लगाया गया है।

चीयर्स डेस्क

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