हिमाचल प्रदेश में शराब महंगी

यूपी सरकार के नक्शे कदम पर कई और राज्य भी चल पड़े है। अब हिमाचल प्रदेश की सरकार भी शराब से अधिक से अधिक कमाई के चक्कर में शराब के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी है। लेकिन यह काम इतनी सावधानी और सतर्कता से किया गया है कि शराब उपभोक्ता पर इसका असर कम से कम पड़ेगा क्योंकि शराब के खुदरा दाम यानी एमआरपी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने देशी और देश में बनी अंग्रेजी शराब (आईएमएफएस) की डिस्टिलरी कीमत पांच प्रतिशत बढ़ा दी है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। इससे राज्य में शराब दस प्रतिशत तक महंगी हो जाएगी। लेकिन एमआरपी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, यानी शराब के दाम वही रहेंगे। हिमाचल प्रदेश के कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ अजय शर्मा ने कहा कि इस कदम से सरकार को 20 से 25 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फैसले से विदेश में तैयार और बोतल बंद किए गए बियर, वाइन, साइडर और शराब ब्रांडों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ईडीपी में आमतौर पर प्रत्येक वित्त वर्ष की शुरुआत पर एक अप्रैल को बदलाव किया जाता है। शर्मा ने कहा कि इस बार अप्रैल में ऐसा नहीं किया जा सका था क्योंकि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू थी।

गौरतलब है कि कमाबेश हिमाचल प्रदेश का अधिकांश हिस्सा भारत का बड़ा पर्यटक स्थल है। शिमला जो कि हिमाचल की राजधानी है, वह पिछली एक शताब्दी से भी अधिक समय से भारत का जाना माना पर्यटक स्थल रहा है। कुल्लू मनाली जैसे अन्य स्थान भी शिमला की तरह ही प्रमुख पर्यटक स्थल हैं और पर्यटक स्थलों पर शराब की खपत अधिक मात्रा में होती है। इस लिहाज़ से शराब के दामों में बढ़ोत्तरी होने से इन स्थलों से सरकार ने अधिक कमाई करने के लिए यह कदम उठाया है लेकिन फिलहाल शराब उपभोक्ताओं से इस कमाई का कोई हिस्सा वसूल नहीं किया जाएगा, यह एक अच्छा प्रयास है।

चियर्स डेस्क 

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