हिमांचल की अंगूरी, चूल्ली व ब्रांडी से बनने वाली शराब

हिमांचल प्रदेश सरकार किन्नौर में स्थानीय लोगों द्वारा परंपरागत तरीके से अंगूरी, चूल्ली व ब्रांडी आदि से तैयार की जाने वाली शराब की व्यवसायिक संभावनाओं का पता लगाएगी। ताकि स्थानीय लोगों की आर्थिकी सुदृढ होने के साथ-साथ जिले की स्थानीय शराब को देश-विदेश में भी प्रसिद्ध किया जा सके। यह जानकारी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू ने चंद रोज पहले रिकांगपिओ में बैठक में जिले के अंगूरी, चूल्ली व ब्रांडी शराब निर्माताओं/ स्थानीय लोगों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने इस दौरान स्थानीय लोगों से किन्नौरी शराब से संबंधित समास्याएं भी सुनी।

कुंडू ने कहा कि किन्नौर के लोगों द्वारा स्थानीय स्तर पर अपने उपयोग के लिए अंगूर, चूल्ली व अनाज से परंपरागत ढंग से शराब तैयार कीजाती है। जिसके लिए आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा लाइसेंस प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जिले की स्थानीय स्तर पर तैयार की जाने वाली पारंपरिक शराब को व्यवसायिक रूप देने के लिए विचार कर रही है।

यदि तैयार की जाने वाली शराब को व्यवसायिक रूप दिया जाता है तो स्थानीय लोगों की आमदनी भी बढेगी। क्योकि यहां तैयार की जाने वाली शराब की प्रदेश ही नहीं बल्कि विदेश में भी मांग बढेगी। इसके लिए स्थानीय लोगों को प्रदेश व प्रदेश के बाहर स्थित ब्रुवरी, डिसटलिरी के भ्रमण पर ले जाएगी। ताकि उन्हें इस उद्योग की आधुनिक तकनीक के बारे में जानकारी प्रदान की जा सके। उन्होंने आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को इस पर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट  तैयार करने के साथ-साथ इसके व्यवसायिकरण संबंधी रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा। बैठक में लाइसेंस आदि विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बैठक उपस्थित लोगों से इस विषय पर सुझाव भी आमंत्रित किए।

चीयर्स डेस्क 

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