स्पेस में तीन साल के लिए भेजी गई व्हिस्की बदल गया टेस्ट

स्कॉटिश डिस्टिलरी (ऐसी जगह जहां अल्कोहल तैयार की जाती है) ने बिना पकी माल्ट व्हिस्की पर अध्ययन किया। अंतरिक्ष में व्हिस्की के स्वाद पर क्या असर पड़ेगा, उन्होंने माल्ट व्हिस्की को तीन साल के लिए स्पेस में शून्य ग्रेविटी पर भेजा। साल बीतने के बाद उन्होंने इसके सेंपल में स्मोकी स्वाद और मांस की खुशबू पाई। साथ ही, उन्होंने व्हिस्की के टेस्ट में भी बदलाव देखा। आर्डबेग डिस्टिलरी, आईल, ने अक्टूबर 2011 में कार्गो स्पेसक्राफ्ट में एक शीशी इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन में भेजी थी। साथ ही उन्होंने सामनता के लिए एक दूसरी शीशी डिस्टिलरी में ही रखी थी।

डिस्टिलरी के अनुसार दोनों ही सैंपल  का स्वाद और खुशबू अलग पाई गई।जो सैंपल पृथ्वी पर रखा गया था उसकी महक लकड़ी जैसी थी। साथ ही इसमें पुराने आर्डबेग स्टाइल जैसे देवदार, स्वीट स्मोक, पुराने सिरके, किशमिश, वनीला, गुड़ की टॉफी और जले हुए संतरे की भी गंध थी। दूसरी ओर, जो सैंपल उन्होंने अंतरिक्ष में भेजा था, उसकी महक काफी तेज थी। इसमें हल्के एंटीसेप्टिक स्मोक, रबर, स्मोक्ड फिश के साथ लकड़ी और मीट की खुशबू आ रही थी।स्वाद की अगर बात करें, तो पृथ्वी पर रखे सैंपल का टेस्ट लकड़ी, सिरका, फ्रूट्स और चारकोल जैसा था।

बाद में जिसका स्वाद हल्का स्मोक, टार और क्रीम फज जैसा आ रहा था। वहीं, अगर अंतरिक्ष में भेजी गई व्हिस्की के स्वाद की बात करें, तो वह स्मोक्ड फ्रूट्स जैसे आलूबुखारा, किशमिश, चेरी, दालचीनी, पुदीना, सौंफ, स्मोक्ड बेकन और स्मोक्ड हैम जैसा था। बाद में जिसका टेस्ट रबर, लकड़ी और एंटीसेपटिक जैस आ रहा था।डॉ. बिल लम्बस्डेम, आर्डबेग निदेशक और विस्की के निर्माता के अनुसार “दोनों ही सैंपल में बदलाव देखा गया”। साथ ही उन्होंने बताया कि “जब मैंने स्पेस के सैंपल का स्वाद चखा और उसे सुंघा, तो दोनों ही चीजें आर्डबेग स्टाइल के सैंपल से बिल्कुल अलग थी”।

चीयर्स डेस्क

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