सोडा है जनाब,पानी नहीं संभल कर पीएं

शहरी जीवनशैली में खाने-पीने की चीजों में सोडा का सेवन आम हो गया है। लेकिन हम यह भूल ही जाते हैं कि इसके सेवन के लाभ कम हैं और नुकसान अधिक। ऐसे में हमें इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

कार्बोनेटेड वाटर को सोडा वाटर कहते हैं। इसमें मिनरल वाटर में सोडियम बाई कार्बोनेटेड घुला होता है। इसे क्लब सोडा, सेल्टजर, स्पाकर्लिंग वाटर या फिज्जी वाटर भी कहते हैं। सॉफ्ट ड्रिंक, फिज्जी ड्रिंक में सोडा होता है। आजकल सोडा वाटर बोतलों में विशेष दाब की स्थितियों में कार्बन डाई ऑक्साइड इंजेक्ट करके बनाया जाता है। अत्यंत कम मात्रा में सोडियम कार्बोनेटेड को सामान्यतया एक सुरक्षित पदार्थ माना जाता है। लेकिन इसका नियमित या अधिक मात्रा में सेवन मौत का कारण भी बन सकता है।

सोडा वाटर से नुकसान
नमक का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड है। इसका भी एक प्रमुख घटक सोडियम है। जिन लोगों को नमक से समस्या होती है, उन्हें सोडे से भी समस्या होती है, क्योंकि इसका रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेटेड है। इसका भी एक प्रमुख घटक सोडियम है। अधिक सोडियम खाने से हाइपर टेंशन और हाई ब्लड प्रेशर हो जाता है। लगातार हाइपर टेंशन के बने रहने से हृदय रोग, स्ट्रोक और गुर्दे की बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग अधिक मात्रा में सोडे का सेवन करते हैं, वे दूध कम पी पाते हैं। इससे उनके शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होने लगती है। बोन मास भी कम होने लगता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। दांतों का इनेमल नष्ट हो जाता है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि एक गिलास सोडा वाटर प्रतिदिन पीने से कोरोनरी हार्ट डिसीज और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। जो लोग सोडे का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, उनमें हार्ट अटैक की आशंका 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। सोडे के कई रूप हैं जिनमें बेकिंग सोडा, बेकिंग पाउडर, क्लब सोडा आदि प्रमुख हैं।

किडनी और हार्ट की सेहत के लिए कहें, ना
नमक में सोडियम होता है और सोडे में भी सोडियम होता है। जिनको नमक से समस्या हो उन्हें सोडे से जरूर समस्या होगी। यह शरीर के अंदर जाकर वाटर रिटेंशन कर सकता है। जिन्हें ब्लड प्रेशर, किडनी और हार्ट  की समस्या हो, वे इसका सेवन बिल्कुल न करें। सामान्य लोग अगर इसे थोड़ी मात्रा में खाएं तो इसके कोई दुप्रभाव नहीं होंगे, लेकिन ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ जाएगी। किडनी में खराबी और हार्ट फेल होने की आशंका बढ़ जाएगी। वैसे लेमन सोडा से अच्छी कोई सॉफ्ट ड्रिंक नहीं है। चीनी डालने की भी आवश्यकता नहीं होती। सोडा, पानी, नींबू और बर्फ को मिलाकर एक रिफ्रेशिंग ड्रिंक बन जाएगा। इससे पोटैशियम और इलेक्ट्रोलाइट भी मिल जाएंगे।

चीयर्स डेस्क 

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