सीवर के पानी से बनी बियर ने स्वीडन में मचाया धमाल

स्वीडिश विशेषज्ञों ने सीवेज के पानी को मेम्ब्रेन और रिवर्स ओसमोसिस द्वारा रीसायकल कर, देश की पहली बियर बनाने में सफलता हासिल की है। आईवीएल स्वीडिश एनवायरनमेंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ, बियर बनाने वाली मशहूर कंपनी कार्ल्सबर्ग और न्यू कार्नेगी ब्रूअरी ने यहां शहर से आए पानी का इस्तेमाल बीयर बनाने में किया है ताकि रिसाइकिल्ड पानी पीने के संबंध में मानसिक रुकावट को दूर किया जा सके।

आईवीएल विशेषज्ञ रूपाली देशमुख ने कहा कि रिसाइकिल्ड वॉटर बियर पीयू:रेस्ट की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, इस साल मई में लांच होने के बाद से अबतक, इसकी बाजार में खपत लगभग 6000 हजार लीटर हो चुकी है । उन्होंने कहा कि रीसाइकल्ड पानी इतना साफ है कि उन्हें इसमें नमक मिलाना पड़ा।

पानी की स्वीकृति एक मनोवैज्ञानिक मुद्दा है, देशमुख ने कहा, यह संस्थान शराब बेचने के व्यवसाय में नहीं है, और ये प्रोजेक्ट सिर्फ ये दिखाने के लिए किया गया कि सीवर के गंदे पानी को भी साफ़ पीने लायक पानी में बदला जा सकता है।

आईवीएल स्टाफ़ फ़िलिप्सन में परियोजना प्रबंधक ने कहा कि आईवीएल ने सीवरेज के पानी को रिसाइकिल करके और उसे साफ़ करने के लिए हम्मार्बी सोजोस्ताड्सवेर्क में लोगों के लिए एक प्रदर्शनी भी लगाई है।रीसाइकल्ड पानी को पीने को लेकर काफी प्रतिरोध है । हम इस प्रतिरोध को दूर करने के तरीके पर काम कर रहे थे। फिलीप्सन ने कहा कि तकनीकी रूप से पुन: उपयोग किया गया पानी पीना कोई समस्या नहीं है, लेकिन बड़ा मुद्दा मानसिक अवरोधों पर काबू पाने का है।

उन्होंने कहा कि विचार डेढ़ साल पहले चर्चा के दौरान सामने आया था, उन्होंने कहा टीम ने न्यू कार्नेगी ब्रेवरी में अधिकारियों से संपर्क किया, फिलिप्सन ने कहा “कार्ल्सबर्ग के कर्मचारियों ने इसे एक महान विचार बताया और वे इसका हिस्सा बनने में रुचि रखते हैं “। फिलिप्सन ने कहा “इनोवेशन भविष्य की जरूरत है। यह इस बारे में भी है कि आप जनता तक कैसे पहुंचते हैं। यह इनोवेशन को आगे बढ़ाने और एक खुली मानसिकता रखने का एक तरीका है,”

चीयर्स डेस्क 

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