सक्रिय हैं यूपी-बिहार सीमा पर शराब तस्कर

बिहार में शराब बंदी व यूपी में शराब पर ज्यादा आबकारी टैक्स होने की वजह से दूसरे प्रदेशों से यहां पर भारी मात्रा में शराब की तस्करी हो रही है। अब शराब तस्करों की कमर तोड़ने के लिए एसटीएफ व खुफिया एजेंसियां अपने तरीके से कार्रवाई करेंगी। बिहार-यूपी बार्डर पर पेटी तस्कर सक्रिय हैं जो राष्ट्रीय स्तर के शराब तस्करों का माल बिहार तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। इसके बदले में इन्हें मोटी रकम मिलती है।

सूत्रों के अनुसार हरियाणा से अंग्रेजी शराब की खेप ट्रकों पर लादकर यूपी के रास्ते बिहार में खपाने का अंजाम प्रदेश काएक बहुत बड़ा रैकेट दे रहा है। इस रैकेट को सफेदपोश नेताओं का संरक्षण रहता है। इस रैकेट में पेटी तस्कर हैं जो सीमा क्षेत्र के रहने वाले होते हैं और उनकी पकड़ क्षेत्र में रहती है। इस धंधे को रोकने का जो भी अधिकारी प्रयास करता है उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ता है। क्षेत्र में र्चचा है कि शराब तस्करों के आकाओं ने कुशीनगर जनपद के एसपी का स्थानान्तरण करा दिया।

इसके पूर्व भी एक तेज तर्रार एसडीएम जिन्होंने कप्तानगंज (कुशीनगर) में बालू माफिया व शराब माफियाओं के नाक में दम का रखा था। उन्होंने जैसे ही तमकुहीराज व अन्य क्षेत्र में शराब माफिया की कमर तोड़ना शुरू किया तो इस अधिकारी का स्थानान्तरण मंडल से बाहर करा दिया गया। इस रैकेट में शामिल शराब माफिया, समय-समय पर जिस पार्टी की सरकार रहती है उस पार्टी का अपने को कथित नेता भी कहने लगते हैं। इस रैकेट के लोग यूपी में भी इस शराब को खपाने का कार्य करते हैं। शराब की तस्करी हरियाणा व पंजाब से होती है जो नोएडा, आगरा, इटावा, फिरोजाबाद, लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद , बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर होते हुए कुशीनगर से बिहार तक जाती है। आखिर यूपी के एक छोर से दूसरी छोर तक जाने वाली अवैध शराब की तस्करी कैसे हो जाती है। शराब तस्करों का गठजोड़ इस तरह का है कि इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि कुछ पुलिस के अधिकारियों का भी इनको संरक्षण प्राप्त है।

सूत्रों की माने तो शराब माफिया व सफेदपोश नेता अपने मनमाफिक स्क्रिप्ट लिखते हैं जो भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी इनके खाचे में फिट नही बैठता है उसका निश्चित ही तबादला हो जाता है। अभी पिछले हफ्ते पुलिस कप्तान कुशीनगर को भी हटा दिया गया। वरिष्ठ समाजसेवी मनीष सामन्त ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शराब तस्करी रोकने व इसमें लिप्त तस्करों व सफेदपोश नेताओं का पर्दाफाश करने के लिए एसटीएफ व एटीएस लगाकर कार्रवाई की जाए। सूत्रों की माने तो प्रदेश में शराब तस्करों की कमर तोड़ने के लिए एसटीएफ व खुफिया एजेन्सी अपने-अपने तरीके से जल्द ही बड़ी कार्रवाई करेगी।

चीयर्स डेस्क

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