शहर में पीने का पानी होगा महंगा

मध्य प्रदेश के रीवा शहर में पेयजल सप्लाई के बदले काफी कम राशि जलकर के रूप में मिल रही है। इसके खर्च की भरपाई के लिए अब जलकर की राशि बढ़ाने की तैयारी की गई है। नगर निगम ने जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसके तहत घरेलू नल कनेक्शन के जो उपभोक्ता अभी 100 रुपए हर महीने जलकर का भुगतान कर रहे हैं, यदि प्रस्ताव स्वीकृत हुआ तो 300 रुपए चुकाने होंगे।

यह राशि बढ़ाने के पीछे तर्क दिया गया है कि शहर में पेयजल सप्लाई के नाम पर करीब 15 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च आ रहा है। जबकि नल कनेक्शनों के आधार पर करीब पांच करोड़ रुपए से भी कम जलकर के होते हैं। इसमें से अधिकांश की वसूली भी नहीं हो पाती है। निगम अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया प्रस्ताव परिषद में प्रस्तुत किया जाएगा, वहां पर स्वीकृति मिली तो शहर वासियों के लिए बड़ा झटका होगा।

अभी तक शहर के उन बड़े संस्थानों से भी उसी तरह पानी का बिल वसूला जाता रहा है जो एक सामान्य कनेक्शनधारी से लिया जाता है। इस पर निगम आयुक्त की ओर से प्रस्ताव तैयार कराया गया है कि उन संस्थानों में पानी मीटर लगाए जाएंगे और उसकी खपत के अनुरूप ही जलकर की राशि तय होगी। इसमें प्रमुख रूप से सैनिक स्कूल, कलेक्ट्रेट, संजयगांधी एवं गांधी स्मारक अस्पताल, जिला अस्पताल, बाणसागर कालोनी के साथ ही अन्य बड़े व्यवसायिक संस्थानों में खपत के अनुरूप बिल नहीं लिया जा रहा है। इनके लिए जलकर की अलग दर निर्धारित करने की तैयारी की जा रही है।

पानी का बिल बढ़ाने के के लिए काउंसिल की बैठक में प्रस्ताव लाया गया था। जिसे एमआइसी ने अमान्य कर दिया था। थोक में पानी लेने वाले संस्थानों से 15 रुपए प्रति किलोलीटर की दर से अनुशंसा की गई थी। अब निगम परिषद के सामने इस प्रस्ताव को फिर से लाया जा रहा है, ताकि निगम की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सके।

चीयर्स डेस्क 

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