शराब माफिया भी कर रहे चुनाव की तैयारी !

ज़हरीली शराब के बढ़ते प्रयोग और इससे हो रही मौतों और आसन्न चुनावों के मददेनज़र यूपी पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले के बादलपुर थाना क्षेत्र के छपरौला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक कंपनी में छापा मारकर शराब बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली 25 हजार लीटर इथेनाॅल को बरामद किया है तथा इस धंधे से जुड़े दस लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया।

नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना बादलपुर पुलिस को शनिवार शाम को सूचना मिली की छपरौला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक कंपनी में भारी मात्रा में शराब बनाने में प्रयोग आने वाला केमिकल एथेनॉल स्टोर करके रखा गया है। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर एक टीम बनाकर वहां पर छापेमारी की गई और इस दौरान पुलिस को कंपनी में खड़े टैंकरों तथा ड्रमों से करीब 25 हजार लीटर एथेनाॅल बरामद हुआ। इस सम्बंध में पुलिस ने कंपनी के मुनीम सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि यह लोग पंजाब और राजस्थान से एथेनॉल टैंकर में भर कर जनपद गौतमबुद्ध नगर में लाते हैं तथा यहां से यूपी के आजमगढ़, बस्ती, बलिया, बनारस, शाहजहांपुर, इलाहाबाद, प्रतापगढ़ सहित विभिन्न जनपदों में सप्लाई करते हैं। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान हमें पता चला है कि यह लोग मिलावटी और जहरीली शराब बनाने के धंधे में कई सालों से संलिप्त हैं। इस कंपनी के बारे में आसपास के लोगों का कहना है कि पूर्व में इस प्रकार के आरोप इस पर लगते रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बरामद एथेनॉल की कीमत करीब एक करोड़ रूपए है और हम यह जानने का भी प्रयास कर रही है कि पंजाब और राजस्थान की किन कंपनियों से यह पदार्थ अवैध रूप से नोएडा लाया जाता था। उन्होंने बताया कि उन कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिली है कि इस गिरोह के लोग आगामी लोकसभा चुनाव में भारी मात्रा में नकली शराब बनाकर सप्लाई करने की फिराक में थे। नोएडा पुलिस का दावा है किये गिरोह अभी से एथेनाॅल इकट्ठा कर रहा था ताकि यूपी के पूर्वी तथा पश्चिमी जिलों में आसन्न लोकसभा चुनावों के दौरान मांग अनुसार इसकी आपूर्ति की जा सके।

गौरतलब है कि चुनावों के दौरान कच्ची शराब की खपत के दावे किए जाते हैं। पुलिस सूत्रों का भी मानना है कि चुनाव के दिनों में शराब की मांग बढ़ जाती है। पिछले कई चुनावों में देखा गया है कि शराब की आपूर्ति में कई गुना इजाफा हो जाता है। मतदान से 24 घंटे पूर्व जब शराब की दुकानें बंद करा दी जाती हैं, तो इस प्रकार की शराब की आपूर्ति खूब होती है। चुनावों के दिनों में यूपी के लगभग हर जिले में पुलिस अभियान में अवैध शराब की धर पकड़ के रिकाॅर्ड मौजूद हैं।

नीरज महेरे, नोएडा से

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