शराब माफिया अधिकारीयों पर भारी हड़प लीं करोंड़ों की दुकानें

मध्य प्रदेश का जबलपुर नगर निगम प्रशासन शराब माफिया से अपनी ही जमीन खाली नहीं करा पा रहा है। प्राइम लोकेशन पर स्थित निगम की दुकानों में अवैध तरीके से मयखनों का संचालन हो रहा है। इन दुकानों से निगम को कोई आय भी नहीं हो रही है। नियमानुसार निगम के बाजार में नशे से सम्बंधित सामग्री का विक्रय नहीं हो सकता। इसके बावजूद निगम की 11 दुकानों से शराब बेची जा रही है। वर्ष 2015 में इन दुकानों का आवंटन रद्द होने के बाद भी निगम की संपत्ति में बेखौफ शराब दुकानें चल रही हैं। सूत्रों की मानें तो शराब कारोबारियों के रसूख के आगे निगम प्रशासन कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

पांच साल से अधिक समय से अटका है मामला : अवैध तरीके से चल रहीं शराब दुकानों का हर साल हो रहा है आवंटन। शराब दुकानों की नीलामी के समय हर साल आबकारी विभाग को यह सुनिश्चित करना होता है कि ठेकेदार ने दुकान का उपयुक्त स्थान बताया है या नहीं। लेकिन, पिछले चार साल से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

कलेक्टर भरत यादव का कहना है कि उक्त दुकानों के सम्बंध में नगर निगम से जानकारी लेंगे। माफिया कोई भी हो, उसके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्य में जिला प्रशासन निगम प्रशासन को पूरा सहयोग करेगा।

चीयर्स डेस्क 

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