शराब बंदी की ओर आंध्र प्रदेश !

बिहार सरकार के बाद अब आंध्र प्रदेश सरकार ने भी शराब बंदी लागू करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। सरकार का मानना है कि शराब बंदी को चरण बद्ध तरीके से लागू करने के लिए शराब की निजी दुकाने कम करनी है, लिहाजा सरकार ने खुद ही शराब के कारोबार पर उतरने का फैसला किया है। सरकार इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत 470 दुकानें खोलेगी। सरकार द्वारा संचालित ये दुकानें रविवार को खोली गईं। इस मामले से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, अगले दो दिनों में 34 और दुकानें खोली जाएंगी।

सरकार ने पिछले हफ्ते 1 सितंबर से 503 शराब की दुकानें खोलने की घोषणा की थी, लेकिन कुछ जगहों पर बारिश के कारण दुकानें नहीं खोली जा सकीं। सरकार की योजना के मुताबिक, शराब की दुकानों की संख्या 4,380 से घटाकर 3,500 करने की है और आखिरी में उन्हें खत्म करने की है।

अधिकारियों के मुताबिक, महीने के आखिरी तक शराब के पूरे कारोबार को सरकार अपने कब्जे में ले लेगी। 1 अक्टूबर से सिर्फ 3,500 शराब की दुकानें सरकार की ही संचालित होगीं। जो आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा संचालित की जाएंगी।

ये सरकारी दुकानें सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहेंगी। एक ग्राहक को तीन से अधिक शराब की बोतलें नहीं बेचेंगी। मौजूदा समय में निजी दुकानें एक ग्राहक को अधिकतम 6 बोतलें बेचती हैं। बता दें कि आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा खोली गईं दुकानें में अधिकतम रिटेल प्राइस, टाइम, और इसके साथ ही लोगों को सावधान करते हुए बैनर दिखाई देगा , जिसमें लिखा रहेगा कि शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

सरकार ने जुलाई में एक बिल पारित किया था। ताकि सरकार रिटेल शराब पर नियंत्रण कर सके। प्राइवेट प्लेयर्स से शराब का कारोबार छीनने के लिए सरकारी की यह एक सुनियोजित योजना है। दरअसल चुनाव के दौरान सत्ता हासिल करने के लिए मौजूदा सरकार ने जनता से शराब बंदी का वादा किया था। इसी वादे को पूरा करने के लिए YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) का ये दूसरा सबसे बड़ा चुनावी वादा है जिसे सरकार पूरा कर रही है।

चीयर्स डेस्क

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