शराब कहां बिके, कहां न बिके, आजमगढ़, लखनऊ में प्रदर्शन

शासनादेश के विपरीत आबादी क्षेत्र में सरकारी देशी विदेशी बीयर की फुटकर दुकान को बंद कराने के लिए शहर के कालीनगंज मुहल्ले के नागरिकों ने शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और पत्रक सौंप कर दुकान बंद कराने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे नागरिकों का कहना था कि मुहल्ले में एक मकान है जहां से सरकारी देशी विदेशी बीयर की फुटकर दुकान संचालित हो रहीं हैं।

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यह शराब दुकान हाईकोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा रहा है। नागरिकों ने कहा कि शासनादेश में ये स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि कोई भी नई सरकारी देशी विदेशी मदिरा व बीयर की फुटकर दुकान घनी आबादी के बीच, मंदिर मस्जिद व गुरूद्वारा एवं स्कूल के साथ-साथ सार्वजनिक स्थल से कम से कम पांच सौ मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। यह भी कहा कि उनके मुहल्ले में प्राचीन शिव मंदिर, कदम घाट, शनिदेव मंदिर, गौेरीशंकर घाट महज मुहल्ले से ५० मीटर से भी कम दूरी पर है। घनी आबादी में शिक्षित लोगों की संख्या कम है तथा आधी आबादी खटिक, मल्लाह एवं धरकार के साथ अन्य कमजोर लोगों की है।  इन लोगों ने मांग किया कि अविलम्ब यह दुकान यहां से हटाकर कहीं अन्यत्र किया जाए। अन्यथा वह लोग उग्र तरीके से आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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उधर लखनऊ के इंदिरानगर के समुद्दीपुर चैराहे के पास मंदिर और स्कूल के पास खोली जा रही शराब की दुकान के विरोध में लोग उतर आए हैं। इन लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन कर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शन में व्यापारी, इलाके के लोगों, महिलाओं व बुजुर्ग स्वतंत्रा संग्राम सेनानी मौजूद थीं। आरोप है कि लखनऊ के इंदिरानगर क्षेत्र के गाजीपुर पुलिस ने नियम विरुद्ध खोली जा रही दुकान पर कार्रवाई करने की जगह प्रदर्शन कर रहे लोगों ही डराया-धमकाया। यही नहीं महिला पुलिस की मदद से प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को जबरन भगा दिया गया।

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लखनऊ के इंदिरानगर के सेक्टर-18 के पास समुद्दीपुर इलाके में बसंत कुंज मार्केट है। इस मार्केट में सोमवार सुबह अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने के लिए कुछ लोग पहुंचे। साथ में फ्रिज व अन्य सामान भी था। इलाके के लोगों को यह बात पता चली तो वह एकत्र हो गए। जहां पर ये दुकान खुल रही है वहां से 30 मीटर की दूरी पर मंदिर और 50 मीटर की दूरी पर बच्चों का स्कूल है। इसके चलते स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना पर गाजीपुर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन आरोप है कि पुलिस ने दुकान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि वह प्रदर्शन कर रहे लोगों को ही हटाने लगी।

नहीं हटी दुकान 

लखनऊ के ही लालबाग सुपर मार्केट में अतिक्रमण हटाने के नाम पर अवैध कब्जे के मामले में नगर निगम की टीम ने गरीबों के 40 आशियाने एक झटके में तोड़कर 500 से ज्यादा लोगों को बेघर कर दिया लेकिन यहीं पर सालों से चल रही देशी शराब की दुकान को छोड़ दिया। दुकान के दोनों तरफ नगर निगम की टीम ने अभियान चलाया और बता दिया कि दुकान तोड़ दी। दुकान में एंट्री के लिए दो दरवाजे हैं। अधिकारियों ने आगे वाले दरवाजे को नुकसान पहुंचा दिया लेकिन पिछले दरवाजे को कुछ नहीं किया। पिछले दो दिन से पिछले दरवाजे से शराब की बिक्री जारी है।

आजमगढ़ से संदीप अस्थाना / लखनऊ से शशांक तिवारी

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