शराब के शौकीनों को लगेगा झटका

अब चंडीगढ़ में शराब के शौकीनों को अपनी जेब थोड़ी और हल्की करनी होगी। शराब 30 से 50 रुपये तक महंगी हो गई है। शराब ठेकेदारों की लॉबी ने पूरे शहर में व्हिस्की के दाम बढ़ा दिए हैं। व्हिस्की का हर ब्रांड 30 से 50 रुपये तक महंगा हो गया है। जबकि बीयर के दामों पर कोई असर नहीं पड़ा है। इस बार महंगा ठेका उठाने के कारण शराब ठेकेदारों की लॉबी ने अपने घाटे के पूरा करने के लिए शराब के दाम में बढ़ोतरी की है।

एईटीसी आरके चौधरी ने बताया कि शराब ठेकेदार मामूली से दाम बढ़ा सकते हैं। लेकिन तय मिनिमम रिटेल प्राइस (एमआरपी) से नीचे कोई भी शराब या बीयर नहीं बेच सकता है। दरअसल मार्केट में व्हिस्की का हर ब्रांड तय एमआरपी रेट से अकसर एक स्टैंडर्ड रेट पर बेचा जाता है। लेकिन घाटे को पूरा करने के लिए शराब ठेकेदारों ने स्टैंडर्ड रेट से ऊपर व्हिस्की बेचने का फैसला किया है। व्हिस्की के हर ब्रांड पर शराब ठेकेदारों ने 30 से 50 रुपये बढ़ा दिए हैं। जबकि देसी शराब के रेट पर कोई असर नहीं पड़ा है।

बियर के नहीं बढ़े दाम 

बीयर के दामों में कोई फर्क नहीं पड़ा है। शहर में तय रेट पर ही बीयर बेची जा रही है। सर्दियों का मौसम आने के चलते बल्कि कई शराब ठेकेदारों ने बीयर के दाम कम कर दिए हैं। 120 रुपये वाली बीयर शहर में कई जगह 90 से 100 रुपये में बिक रही है। मार्केट मे सबसे ज्यादा खपत किंगफिशर अल्ट्रा किंगफिशर स्ट्रांग आदि ब्रांड की है।

नहीं होंगे हर जगह अलग रेट 

शराब ठेकेदारों ने अपने घाटे को पूरा करने के लिए शराब के दाम बढ़ाए हैं। मार्केट में हर शराब ठेके पर अलग रेट न हो। इसके लिए शराब ठेकेदारों ने बीते हफ्ते बैठक की थी। जिसके बाद शराब ठेकेदारों ने सहमति से व्हिस्की के हर ब्रांड पर 30 से 50 रुपये दाम बढ़ाए हैं। 31 मार्च को शराब का ठेका रद हो जाता है। इससे पहले एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ऑक्शन के जरिये नया ठेका अलॉट करता है। शराब ठेकेदार अकसर जनवरी से मार्च के बीच तय एमआरपी रेट से नीचे शराब बेचते हैं। अकसर कमाई करने के लिए शराब के तय रेट तोड़े जाते हैं।

चीयर्स डेस्क 

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