शराब की दुकान कर रही वैनगंगा को प्रदूषित

मध्यप्रदेश के सिवनी में लंबे अरसे से देशी शराब दुकान को वैनगंगा नदी तट के किनारे से हटाए जाने की मांग की जा रही है। लेकिन अब तक देशी शराब दुकान हट नहीं पाई देसी शराब दुकान को हटाए जाने को लेकर धरना आंदोलन भी किया जा चुका है। आंदोलनकारी न जाने किस के प्रभाव में आकर उक्त दुकान को हटने से पहले ही आश्वासन के चलते आंदोलन बंद कर दिया था। लेकिन शराब दुकान वैनगंगा तट के किनारे जस के तस बनी हुई है।

अहाता बना गंदगी का कारण देशी शराब दुकान से शराब बेचने के अलावा बगल में अहाता संचालित हो रहा है, जिसमें सिंगल यूज प्लास्टिक, डिस्पोजल, पानी के पाउच बेजा इस्तेमाल हो रहा है। ये सामग्री वैनगंगा नदी को प्रदूषण का शिकार बना रहे हैं। जिससे जनपद कार्यालय से लेकर वैनगंगा नदी तक सिंगल यूज़ प्लास्टिक की भरमार देखी जा सकती है। जिस पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की है, जबकि देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंध लगाया गया है। इस समस्या को लेकर कई तरह की मुहिम चलाई जा रही हैं लेकिन छपारा में इसका जरा भी असर नहीं दिख रहा है। सिंगल यूज़ प्लास्टिक का कचरा नगर के अनेकों स्थानों में डिस्पोजल की शक्ल में देखे जा सकते हैं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है देशी शराब दुकान के सामने चल रहे अवैध अहाते को बंद कराया जाए साथ ही डिस्पोजल से फैल रही गंदगी को हटाए जाने की मांग की है अवैध रूप से संचालित हो रहे अहाते के सामने जमकर शराब परोसी जा रही है।

जिससे बेन गंगा तट को स्नान के लिए जाने वाली महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं उक्त देसी शराब दुकान के सामने से स्कूली छात्र-छात्राओं का भी आना जाना लगा रहता है शराब दुकान से शराब बिक्री के अलावा जो अहाता चल रहा है जिससे वहां से गुजरने वालों को परेशानी लंबे समय से बनी हुई है लेकिन इस ओर ना तो आबकारी महकमा ध्यान दे रहा है ना ही स्थानीय प्रशासन। अब फिर नागरिकों द्वारा आंदोलन की तैयारी की जा रही है।

चीयर्स डेस्क 

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