शराबबंदी पर राजस्थान-गुजरात में ठनी

गुजरात और राजस्थान के मुख्यमंत्री शराबबंदी को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ने एक दूसरे पर जमकर वार-पलटवार किए।  दरअसल, बात ये है कि अभी कुछ ही दिन पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि गुजरात में घर-घर में शराब मिलती है। फिर क्या था इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गहलोत को चैलेंज किया कि हिम्मत हो तो राजस्थान में शराबबंदी लागू करके दिखाएं।

चैलेंज के बाद तो गहलोत ने एक बार फिर से हमला करते हुए कहा कि अगर गुजरात में शराब नहीं मिली तो वह सियासत छोड़ देंगे और अगर मिल गई तो रूपाणी को राजनीति छोड़ देना चाहिए।  इस पर गुजरात कांग्रेस के जरिए कुछ चौंकाने वाले आंकड़े भी मीडिया के सामने भी रखे गए।

चौंकाने वाले हैं आंकड़े 

मुख्यमंत्री रूपाणी के बयानों पर हमला करते हुए गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि गुजरात में शराबबंदी सिर्फ कागज पर है। राज्य में ऐसा कोई गांव नहीं है जहां देशी या विदेशी शराब ना मिलती हो। यही नहीं, अमित चावड़ा ने सरकार पर शराब के सामने हफ्ता वसूली का भी आरोप लगाया है।

गुजरात कांग्रेस ने पिछले 2 साल में पकड़ी गई शराब के आंकड़े पेश किए, जो खुद गुजरात सरकार ने विधानसभा में सवाल-जवाब के दौरान दिए थे। कांग्रेस ने कहा कि पिछले 2 साल में 15,40,454 लीटर देसी शराब, विदेशी शराब की 129,50,463 बोतलें जबकि बियर की 17,34,792 बोतलें पकड़ी गई हैं, इनकी कीमत 25.4 करोड़ रुपये है। ये तो वो आंकड़े हैं जो खुद सरकार ने दिए हैं।

गुजरात में पिछले दो साल में यानी 2018-19 के दौरान देशी शराब के 1.3 लाख केस और विदेशी शराब के 29,989 केस दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक गुजरात में रोज 181 केस सिर्फ देसी शराब के दर्ज किए गए, जबकि विदेशी शराब के 41 केस रोज दर्ज किए गए। इन मामलों में 1,105 आरोपी 6 महीने से ज्यादा समय से और 762 आरोपी एक साल से ज्यादा समय से फरार हैं।

चीयर्स डेस्क 

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