वाराणसी में खुला वाटर बैंक

वाराणसी शहर के कई इलाकों में लाख कोशिशों के बाद भी पेयजल के साथ शुद्ध जल मिलने का संकट बना हुआ है। इसको देखते हुए विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने मुस्लिम बहुल इलाके शक्कर तालाब में वॉटर बैंक खोला है। इस इलाके में पानी आता नहीं। कभी आ भी गया तो बदबू भरा रहता है। वाराणसी में राम बैंक, अनाज बैंक, रोटी बैंक के बाद अब वॉटर बैंक खुला है। अपने ढंग के अनूठे देश के पहले वॉटर बैंक में खातेदारों को रोजाना 20 से 80 लीटर तक शुद्ध जल नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इस सुविधा का लाभ लेने वालों को जल की बर्बादी न करने का शपथ देना अनिवार्य है।

बैंक के चेयरमैन डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संचयन के आह्वान से प्रेरित होकर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शक्कर तालाब में पहला वॉटर बैंक खोला गया है। यहां गहरी बोरिंग करवाकर कर लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध करवाया जा रहा है। आने वाले समय में शहर के अन्य इलाकों में भी बैंक की शाखाएं खोली जाएंगी।

काउंसलिंग होती है पहले

इस बैंक में खाता खुलवाने के लिए किसी भी व्यक्ति को अपने आधार कार्ड की कापी और तीन फोटो देनी होगी जिससे उसकी पहचान के साथ यह सुनिश्चित हो सके कि वह अपने परिवार के लिए ही पानी ले जा रहा है। खाला खोलने से पहले संबंधित व्यक्ति की काउंसलिंग की जाती है। उसे पानी की बर्बादी से आने वाले संकट के बारे में बताया जाता है। इसके बाद शपथ पत्र भरवाया जाता है कि वो अब पानी की बर्बादी नहीं करेगा और अपने पड़ोस के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करेगा। इस बैंक से फिलहाल दो सौ परिवार जुड़े हैं।

रखा जाता है रेकॉर्ड

वॉटर बैंक की कार्य प्रणाली सामान्य बैंकों की तरह ही है। बैंक के सदस्य का खाता होता है, जिसमें कौन रोज कितना लीटर पानी ले जा रहा है उसकी एंट्री होती है। साथ ही पानी लेने के लिए विद्ड्रॉल फार्म भरना होता है। रोज सुबह और शाम दो-दो घंटे के लिए बैंक खुलता है। बैंक में मैनेजर और अन्य स्टाफ को मिलाकर छह लोग काम कर रहे हैं।

चीयर्स डेस्क 

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