लखनऊ में पेयजल संकट

यूपी की राजधानी लखनऊ में भूजल स्तर काफी तेजी से गिर रहा है। जिसकी वजह से पीने के पानी की दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं। हर साल भूजल स्तर गिरने से जलकल के लगभग 20% नलकूप फेल हो रहे हैं। इनकी जगह नए लगाए जा रहे हैं। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।

जल कल व जल निगम के विशेषज्ञ इंजीनियरों का कहना है कि अगर समय रहते नहीं चेते तो अगले पांच साल में पीने लायक पानी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। शहर को पानी दे पाना जल कल के बस की बात नहीं रह जाएगी। इस समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों ने चौथे व पांचवें वाटर वर्क्स पर तत्काल काम शुरू कराने की बात कही है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अभी चौथे व पांचवें वाटर वर्क्स की जमीन का मामला विवादों में फंसा है। जब तक यह पेंच नहीं सुधरेगा तब तक स्थिति में सुधार काफी मुश्किल है।
चौथे-पांचवे जलकल निर्माण का प्रस्ताव आठ साल से लंबित
चौथे व पांचवें वाटर वर्क्स की जमीन का मामला विवादों में फंसा हुआ है। चौथे वाटर वर्क्स की जमीन के लिए आठ साल हो चुके हैं जबकि पांचवें वाटर वर्क्स की जमीन चिह्नित हुए पांच साल बीत गए। विवाद अभी तक नहीं खत्म हो पाया है। आईआईएम रोड पर घैला के पास चौथे वाटर वर्क्स व अलीनगर सुनहरा में पांचवे के निर्माण का प्रस्ताव है। घैला में एलडीए को जमीन देनी है। अलीनगर सुनहरा में नगर निगम को 90 बीघे जमीन देनी है। इस जमीन का भी विवाद चल रहा है। जल निगम के जीएम का कहना है जमीन का कब्जा मिलने के बाद डीपीआर तैयार होगा।

जलकल का मामला लटकने के कारण पेयजल की स्थिति चिंताजनक हो रही है। गोमती तट के करीब होने के बावजूद फैजुल्लागंज का जलस्तर 16 मीटर तक गिर चुका है।इसी तरह त्रिवेणीनगर में 10 मीटर तक और महानगर जैसी पॉश कालोनी में आठ मीटर से अधिक जलस्तर गिर चुका है। यहां पर पानी 37 मीटर (121 फुट) नीचे तक पहुंच चुका है। उधर, आलमबाग क्षेत्र का भी यही हाल है। यहां के जेल रोड इलाके का जलस्तर चार साल में 36 मीटर से खिसकर 41 मीटर पर पहुंच गया है। एयरपोर्ट स्थित इलाकों में 14 मीटर से गिरकर 19 मीटर पर आ गया है।

यही वजह है कि इन क्षेत्रों में हर साल नलकूप की बोरिंग होने की संख्या बढ़ती जा रही है। जलकर अभियंताओं के मुताबिक इसी साल अकेले आलमबाग व अलीगंज क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक नलकूपों की बोरिंग जलस्तर गिरने की वजह से हुई है। पूरे शहर में इस साल 50 से ज्यादा नलकूपों ने बोरिंग न गिरने के कारण पानी देना बंद कर दिया है और यही कारण है कि लखनऊ में पीने के पानी का संकट विकराल रूप लेता जा रहा है।

चीयर्स डेस्क 

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