भूजल स्तर को बढ़ा रही मेट्रो

यूपी की राजधानी लखनऊ के गिरते भूजल स्तर को संवारने में लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन की मुहिम रंग ला रही है, इसके तहत 23 मेट्रो स्टेशनों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है। इससे न सिर्फ लखनऊ के जल स्तर में सुधर होगा बल्कि लोगों को पीने का साफ पानी भी मिलेगा। आठ मार्च 2019 के बाद यह पहली मूसलाधार बारिश है, जब सैंड पिट पूरी तरह से काम कर रहे हैं और हजारों लीटर पानी ट्रैक के जरिए सैंड पिट में छनते हुए नीचे पहुंच रहा है। ट्रैक के अलावा चार भूमिगत स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार पर भी बरसात के पानी को संरक्षित करने की व्यवस्था है। मेट्रो ट्रैक पर गिरने वाले पानी को  पानी पाइप के जरिए जमीन पर भेजा जाता है। सैंड पिट में छनने के बाद यह पानी कई फीट गहरे पाइप के जरिए नीचे पहुंच रहा है।

अभियंताओं का दावा है कि पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश से काफी वॉटर रीचार्ज हुआ है। मेट्रो ने बरसात से पूर्व ट्रैक की सफाई भी करवाई थी। मेट्रो अफसर बताते हैं कि नार्थ साउथ कॉरिडोर सहित ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के अलावा यूपी के अलग-अलग शहरों में चलने वाली मेट्रो में यह व्यवस्था की जाएगी।

एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव का कहना है कि मेट्रो का प्रयास है कि बारिश का पानी सैंडपिट के जरिए जमीन में सुरक्षित पहुंच सके। लखनऊ मेट्रो के स्टेशनों व ट्रैक पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का पूरा पालन किया जा रहा है। यह पानी सीधे भूगर्भ जल से नहीं मिलता। इससे पूर्व कई स्तर पर यह छनता है।

चीयर्स डेस्क

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