लंदन वाली ब्लैक लेबल पीते थे राजकपूर, दूसरों को यहीं की पिलाते थे

मुंबई में मशहूर है कि अगर कपूर परिवार शराब न पिए तो मुंबई की आधी दुकानें बंद हो जाएं। होली हो या कोई और पर्व या पार्टी, जहां कपूर ब्रदर्स होते हैं वहां शराब बहती है। राजकपूर भी शराब के दीवाने थे। शराब से राजकपूर का एक खास रिश्ता हुआ करता था। राजकपूर के बारे में मशहूर है कि वो शराब पीने और पिलाने में लोगों के साथ खुला पक्षपात किया करते थे।

रणधीर कपूर बताते हैं कि वो हमेशा जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल व्हिस्की पिया करते थे, वो भी लंदन से खरीदी हुई। मधु कपूर अपनी किताब में ऋषि कपूर को कहते हुए बताती हैं कि राजकपूर अपनी ब्लैक लेबल व्हिस्की पर अपना बहुत अधिकार जताते थे। वो जब पार्टियों में भी जाते थे अपनी शराब घर से अपने साथ ले जाते थे। शराब देने में भी वो एक तरह की जाति व्यवस्था का पालन करते थे। लंदन से खरीदी हुई ब्लैक लेबल वो खुद पीते थे और अपने बहुत खास लोगों को पिलाते थे। वो आगे लिखती हैं, जिनको वो लंदन वाली पिलाते थे उनमें तनूजा भी थीं और दुबई से खरीदी हुई ब्लैक लेबल वो अपने दूसरे दोस्तों के लिए रखते थे

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और आखिर में दिल्ली और मुंबई से खरीदी हई ब्लैक लेबल उनके बेटों के हिस्से में आती थी। रणधीर कपूर को बहुत बुरा लगता था कि तनूजा को तो लंदन वाली व्हिस्की मिल रही है और उन्हें भारत में खरीदी हुई।

शत्रुघन के घर पर

राजकपूर कहीं भी जाते बिना शराब के नहीं रहा करते थे। किसी की मेहमान नवाजी करनी हो या किसी का मेहमान का आना हो, उन्हें शराब की तलब लग जाती, वो ना तो समय देखते थे और ना ही जगह, जहां मन हुआ वहीं शुरू हो जाते थे। उनकी इस आदत के कारण एक बार शत्रुघन सिन्हा मुसीबत में फंस गए थे। हुआ यूं कि राजकपूर साहब शत्रुघन से मिलने एक बार उनके घर पहुंच गए। संयोग से उन दिनों सिन्हा की मां भी पटना से उनसे मिलने आई हुई थीं।

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रात दस बजते ही राजकपूर को शराब की तलब सताने लगी। लेकिन शत्रुघन सिन्हा का एक उसूल था कि वो अपने बंगले यानी ‘रामायण’ में कभी शराब का सेवन नहीं करते थे। उन्होंने शत्रु से ग्लास सजाने को कहा। लेकिन मुश्किल ये थी कि शत्रु घर में शराब नहीं पीते थे, उस पर सितम ये कि उन दिनों पटना से उनकी मां भी आई हुईं थीं। राजकपूर के लिए सिन्हा शायद  घर पर शराब ना पीने का प्रोटोकॉल तोड़ भी देते, लेकिन मां का खौफ ज्यादा था। उनकी हालात को देखते हुए खुद राजकपूर नें ही  मना कर दिया और बातों में मशगूल हो गए।

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बातचीत में रात के चार बज गए। अब राजकपूर के लिए अपनी तलब को दबाना मुश्किल हो गया। उन्होंने शत्रु से कहा कि वो शराब पीना चाहते हैं। शत्रु अपने इस मेहमान को नाखुश नहीं करना चाहते थे। मां के डर के कारण शत्रु ने एक हल निकाला। शत्रु ने अपने घर के सामने खड़ी वैन में राजकपूर का मयखाना सजा दिया और दोनों ने सुबह तक खूब शराब पी और वैन में ही सो गए। इस तरह सिन्हा का घर पर शराब ना पीने वाली बात भी रह गई और मां को पता भी ना चला।

नरगिस की याद में

राजकपूर और नरगिस, बाॅलीवुड की ये मशहूर जोड़ी करोड़ो के दिलों पर राज करती थी और नरगिस के दिल पर राजकपूर राज करते थे। लेकिन वक्त का सितम कि राजकपूर और नरगिस की जोड़ी टूट गई और नरगिस ने सुनील दत्त से शादी करना तय कर लिया। जिस दिन नरगिस और सुनील दत्त की शादी की खबर राजकपूर तक पहुंची, उसे सुनकर राजकपूर बेहद टूट गए थे।

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क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि नरगिस एक न एक दिन उनके पास लौटकर जरूर आएंगी। लेकिन वह नहीं आईं और शादी भी कर ली। नरगिस की शादी पर उनकी याद में रात रात भर बाथ टब में बैठकर राजकपूर रोते रहे और शराब पीते रहे।

चीयर्स डेस्क

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