रेड वाइन क्या वाक़ई फायदेमंद है

रेड वाइन को पिछले कुछ दशकों में ये शोहरत हासिल हो गई है कि ये हमारी सेहत के लिए अच्छी है। इसका संबंध लंबी उम्र और दिल की बीमारी का जोखिम कम करने से बताया जाता है। पर, क्या वाक़ई रेड वाइन हमारी सेहत के लिए फायदेमंद है? और, इससे भी पहले सवाल तो ये बनता है कि हमारे लिए अच्छा क्या है? जब बात वाइन की आती है, तो बहुत से लोग अच्छे का मतलब दिल की बेहतरी से लगाते हैं।

हालांकि, ज़्यादातर लोगों को ये नहीं मालूम है कि कैंसर और शराब के बीच गहरा ताल्लुक़ पाया गया है। इस संबंध की पुष्टि कई रिसर्च में हो चुकी है। हर हफ़्ते एक बोतल वाइन गटकने से कैंसर की बीमारी का ख़तरा धूम्रपान न करने वाले मर्दों और औरतों को कैंसर के क़रीब ले जाता है।

किसने बताया वाइन को हेल्दी

वाइन पीना सेहत के लिए अच्छा है, ये ख़याल 1970 के दशक का है। उस समय वैज्ञानिकों ने पाया था कि फ्रांस के लोगों में अन्य देशों के मुक़ाबले दिल की बीमारी कम होती है। जबकि फ्रांस के बाशिंदे, अन्य लोगों से ज़्यादा सैचुरेटेड फैट खाते हैं। वैज्ञानिकों ने कहा कि फ्रांस के लोगों में दिल की बीमारी की कम तादाद का सीधा ताल्लुक़ वाइन पीने से है।

इसे, वैज्ञानिकों ने ‘फ्रेंच पैराडॉक्स’ यानी फ्रांसीसी विरोधाभास का नाम दिया था। ये ऐसी पहेली है, जिसे वैज्ञानिक आज तक नहीं सुलझा पाए हैं। लेकिन, ‘फ्रांसीसी विरोधाभास’ का इतना प्रचार हुआ है कि अब पूरी दुनिया में ये ख़याल पाया जाता है कि थोड़ी सी वाइन पीना स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद है। इससे वज़न बढ़ने की समस्या के अलावा दिल की बीमारी और उच्च रक्तचाप की परेशानियों के साथ-साथ डायबिटीज़ पर क़ाबू पाने में भी मदद मिलती है।

रेड वाइन 

वाइन को आम तौर पर इसलिए सेहतमंद माना जाता है क्योंकि इसमें पॉलीफिनोल नाम के केमिकल होते हैं। इनकी वजह से शरीर में जलन कम होती है। रेड वाइन में पॉलीफिनोल व्हाइट वाइन के मुक़ाबले दस गुना ज़्यादा होते हैं।

इटली के वैज्ञानिक अल्बर्टो बर्टेली ने पाया है कि रेड वाइन की थोड़ी मात्रा लेना लोगों को दिल की बीमारी से दूर रखता है। इसकी बड़ी वजह पॉलीफिनोल होते हैं. जो शरीर में जलन कम करते हैं. बर्टेली लोगों को रोज़ 160 मिलीलीटर वाइन पीने की सलाह देते हैं, वो भी सिर्फ़ खाने के साथ।

वाइन से जुड़े रिसर्च पॉलीफिनोल रेसवेराट्रोल पर ही केंद्रित रहे हैं। रेसवेराट्रोल अंगूर की चमड़ी और इस के बीजों में पाया जाता है। इसके बारे में माना जाता है कि ये हाई ब्लड प्रेशर से बचाता है क्योंकि ये धमनियों में ख़ून को पतला कर देता है। वैसे, ये ख़ूबी सिर्फ़ रेड वाइन में नहीं होती, बल्कि व्हाइट वाइन में भी पायी जाती है। हालांकि सफ़ेद अंगूर में रेसवेराट्रोल नहीं पाया जाता।

हो सकता है कि वाइन पीना अच्छी सेहत में योगदान देता हो। लेकिन, ज़्यादातर जानकार ये कहते हैं कि इससे दूरी बनाना ज़्यादा स्वास्थ्यवर्धक होता है।

चीयर्स डेस्क 

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