राजस्थान में अनिश्चितकाल के लिए शराब की दुकानें बंद

राजस्थान सरकार द्वारा शराब व्यापारियों के खिलाफ चलाया  गया  डिकॉय ऑपरेशन  लगता है कि राज्य सरकार के लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है। प्रदेश सरकार के इस कदम के बाद वहां के शराब व्यवसायियों ने राज्य सरकार के वित्त एवं आबकारी विभाग के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। प्रदेश में मंगलवार से शराब की दुकानें अनिश्चितकाल तक के लिए बंद रहेंगी। शराब व्यापारी अपनी दुकानों की चाबी मंगलवार को आबकारी विभाग के अधिकारियों को सौंपेंगे।

दरअसल,पिछले दिनों राजस्थान  के वित्त सचिव पृथ्वीराज ने पांच बड़े जिलों में शराब की दुकानों का डिकोय ऑपरेशन कराया था। इसमें शराब विक्रेतों पर ओवर रेट लेने एवं तय समय के बाद तक दुकानें खोलने को लेकर आबकारी विभाग ने शराब विक्रेतों के खिलाफ केस बनाए थे। इससे शराब विक्रेताओं ने नाराजगी बढ़ गई। मंगलवार को शराब विक्रेतों ने वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निरंजन आर्य,सचिव पृथ्वीराज और आबकारी आयुक्त सोमनाथ मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर पुलिस एवं अन्य विभागों के द्वारा शराब की दुकानों पर ओवररेट के केस बनाने पर नाराजगी जताई।

शराब विक्रेताओं का आरोप है कि आबकारी नीति में उन्हे 20 फीसदी कमीशन मिलने का प्रावधान है,लेकिन 12 फीसदी ही कमीशन मिल रहा है। इसके साथ ही आबकारी विभाग प्रत्येक तीन माह में लिफ्टिंग का लक्ष्य बढ़ा देता है,जिससे तय सीमा में शराब नहीं बेचने पर उन पर जुर्माना लगाया जाता है।

शराब व्यवसायियों का कहना है कि वे जबरन किसी को नहीं बेच सकते,इसलिए लिफ्टिंग की बाध्यता खत्म कर यह तय किया जाए कि दुकानदार को जितनी जरूरत हो वह शराब गोदाम से खरीद ले। शराब व्यवसायियों का कहना है कि पिछले चार माह में शराब की दरें आबकारी विभाग ने चार बार बढ़ा दी,लेकिन बोतलों पर पुरानी दरें ही लिखी हुई आ रही है,जिससे उनका खरीददारों के साथ विवाद होता रहता है। उन्होंने पुलिस एवं आबकारी विभाग पर अवैध शराब के कारोबार पर लगाम नहीं लगा पाने का भी आरोप लगाया।

चीयर्स डेस्क

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