यूपी में रोकी जाएगी शराब में मिलावट

लखनऊ: मिलावटी शराब पिलाने वालो की  यूपी में अब खैर नहीं, शराब में मिलावट रोकने के लिए यूपी सरकार 65 डिजिटल अल्कोहलोमीटर खरीदेगी। डिजिटल अल्कोहलोमीटर की मदद से शराब में पानी मिलाने वालो को पकड़ना और भी आसान हो जायेगा। यह अल्कोहलोमीटर यूपी की 65 डिस्टलरियों में लगाये जायेंगे। यूपी सरकार शराब में मिलावट कर पैसा कमानें वालो पर नकेल कसने की तैयारी में है।

शुरूवाती दौर में डिजिटल अल्कोहलोमीटर प्रदेश की 65 डिस्टलरियों और पांच ब्रेवरी में लगेंगे। बाद में इन्हें क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षकों को मुहैया करवाया जाएगा। ये अल्कोहलोमीटर स्वीडन की कंपनी ‘एंटोन पार’ से खरीदे जाएंगे। हर एक अल्कोहलोमीटर की कीमत 3.5 लाख रुपये है। डिस्टलरियों और ब्रेवरी के लिए पहले चरण में 75 अल्कोहलोमीटर खरीदे जाने का प्रस्ताव है। इस पर करीब 2.62 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अल्कोहलोमीटर सभी क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षकों को दिए जाने की योजना है। प्रदेश में करीब छह सौ क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक हैं। इस हिसाब से छह सौ डिजिटल अल्कोहलोमीटर करीब 21 करोड़ रुपये के होंगे।

पुराने तरीको से नहीं मिल पाता है सटीक परिणाम

शराब की तीव्रता कम होने या पानी मिलाए जाने की शिकायतें आए दिन विभाग को मिलती हैं। इन शिकायतों पर विभागीय अधिकारी दुकान या फिर डिस्टलरी से शराब का सैंपल लेकर उसकी तीव्रता नापते हैं। इसे नापने के लिए अभी तक अल्कोहल मीटर, टेम्प्रेचर मीटर और बीकर या फिर कांच के फ्लास्क का उपयोग होता है। माना जाता है कि इनके जरिए इन पुराने तरीको से की गई माप से सही (ऐक्युरेट) परिणाम नहीं आता। जबकि, अल्कोहल तीव्रता से ही यूपी सरकार के राजस्व का निर्धारण होता है, इसलिए डिस्टलरियों में अल्कोहल की तीव्रता मापने के बाद ही उसे बोतलों में भरने की अनुमति दी जाती है।

डिस्टलरियों ने किया था विरोध

विभाग के पास मौजूद अल्कोहल और टेंपरेचर मीटरों का हर साल जनवरी में प्रयागराज स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला में मानकीकरण होता है। मानकीकरण के पैमाने को लेकर पिछले दिनों उप्र डिस्टलर्स असोसिएशन (यूपीडीए) और डिस्टलरियों ने आपत्ति जताई थी। इस पर आबकारी आयुक्त के आदेश पर कुछ डिस्टलरियों का मानकीकरण फिर से दिल्ली स्थित श्रीराम हाउस लेबोरेटरी से कराया गया था। विभाग मैन्युअल मानकीकरण से आए दिन होने वाले विवाद को खत्म करने के लिए ही डिजिटल अल्कोहलोमीटर खरीदने जा रही है।

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