यूपी में महंगी शराब के कारण बढ़ रही अवैध शराब की बिक्री

प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री पर रोक के लिए शासन ने विभिन्न विभागों को निर्देश जारी किये हैं। अवैध और जहरीली शराब से पिछले दिनों कई जिलों में हुईं मौतों की जांच के लिए गठित एसआईटी (विशेष अनुसंधान दल) ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। रिपोर्ट में यूपी में अवैध शराब के चलन का मुख्य कारण सरकारी देशी शराब महंगी होना माना गया है।

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एसआईटी के मुताबिक, सरकारी देशी शराब की तुलना में अवैध शराब की कीमत आधी या उससे भी कम होती है। घटना के कारणों का खुलासा करते हुए एसआईटी ने अपनी संस्तुतियां गृह विभाग को सौंप दी हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, गृह विभाग ने संस्तुतियों के आधार पर संबंधित विभागों को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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एसआईटी ने कहा है कि यूपी में देशी और अंग्रेजी शराब का निर्माण ईएनए (एक्स्ट्रा नैचुरल अल्कोहल) से होता है। वहीं, अवैध शराब के निर्माण में रेक्टीफाइट स्प्रिट का प्रयोग होता है। रेक्टीफाइट स्प्रिट, ईएनए की तुलना में पांच रुपये प्रति लीटर सस्ती है। ऐसे में सरकारी देसी शराब को सस्ता करने पर विचार किया जाए। एसआईटी ने यह भी कहा है कि जहरीली शराब से प्रभावित लोगों के इलाज के संबंध में अस्पतालों में स्थिति स्पष्ट नहीं है। सुझाव दिया है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग इस संबंध में एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) बनाकर जिलों को भेजे।

रिपोर्ट में अवैध शराब के खिलाफ शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रचार प्रसार करने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लेने के लिए कहा गया है।

चीयर्स डेस्क

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