चुनाव, अवैध शराब और राज्यों की सीमा पर चेकपोस्ट !

लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में दूसरे राज्यों से अरबों रूपए मूल्य की अवैध शराब मंगाए जाने की खबरें हैं। आबकारी महकमे के साथ साथ चुनाव आयोग की उदासीनता के कारण ऐसा होना लगभग तय माना जा रहा है। वजह यह कि सीमावर्ती राज्यों केे प्रवेश मार्गों से अवैध मदिरा के यूपी में आने से रोकने के लिए करीब तीन दर्जन आबकारी चेकपोस्ट बनाए गए हैं। इन सभी चेकपोस्टों पर करीब 700 अधिकारियों कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इन चेकपोस्टों ने चुनाव की घोषणा के साथ ही काम करना शुरू कर दिया। ये चेकपोस्ट आगामी 23 मई तक काम करेंगे। लेकिन इन चेकपोस्टों पर तैनात किए गए आबकारी विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को साधन और सुविधाएं नहीं दी गई हैं।

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चेकपोस्टों पर तैनात इन कर्मचारियों का कहना है कि चुनाव में एक दो दिन के लिए भी यदि किसी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी की ड्यूटी लगती है तो उसको भोजन, नाश्ता सहित सारे खर्चों का नगदी भुगतान किया जाता है। यहां तक कि उसे सरकारी वाहन से ड्यूटी स्थल तक पहुंचाया व लाया जाता है। इसके विपरीत लगातार तीन माह के लिए चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए गए आबकारी चेक पोस्ट के इन अधिकारियों व कर्मचारियों को किसी तरह का कोई अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान नहीं किया गया है। जबकि यह कर्मचारी 100 से 300 किमी दूर यह चुनाव ड्यूटी करने के लिए गए हैं। ड्यूटीस्थल तक यह कर्मचारी अपने ही खर्चे से गए हैं।

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इन कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में चेकपोस्ट के कर्मचारी से विभाग या चुनाव आयोग ईमानदार से ड्यूटी करने की अपेक्षा कैसे कर सकता है। कर्मचारियों के संकेेत से साफ है कि अभाव के कारण वह ईमानदारी से ड्यूटी शायद ही कर पाएं। इसी कारण ये आशंका प्रबल हो गई है कि चुनाव के दौरान यूपी में दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध शराब को शायद ही रोका जा सके।

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इन कर्मचारियों कोे यह भी मलाल है कि चुनाव ड्यूटी के लिए सूजा, धागा तक चुनाव आयोग के पैैसे से खरीदा जाता है। इसके विपरीत वह 300 किमी दूर ड्यूटी करने आए हैं और उनको रहने-खाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहां तक कि चेकपोस्ट के संचालन के लिए कुर्सी, टेन्ट आदि की भी व्यवस्था नहीं की गई। कर्मचारी आस-पास के दुकानदारों से कुर्सी, बेंच आदि मांगकर किसी तरह से चेकपोस्ट चला रहे हैं। इन कर्मचारियों के सामने समस्या यह है कि 8 घंटे ड्यूटी करने के बाद वह 16 घंटे कहां बिताएं।

क्या कहते हैं चेकपोस्टों के कर्मचारी

इन चेकपोस्टों पर लगे आबकारी महकमे के कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक 90 फीसदी जिलों के आबकारी कर्मियों को फरवरी माह का वेतन नहीं मिला है। किसी तरह उन्होंने होली मनाई और अब इतनी लम्बी चुनाव ड्यूटी पर भेज दिया गया। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें। इनका कहना है कि इन हालात में शायद ही कोई कर्मचारी ईमानदारी से ड्यूटी कर पाए।

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इन कर्मचारियों का ये भी कहना है कि अभी पिछले चुनाव ड्यूटी के पारश्रमिक का भी उनको कोई भुगतान नहीं किया गया। पिछले चुनाव ड्यूटी का केवल एक दो फीसदी अधिकारी व कर्मचारी ही किसी तरह अपना भुगतान प्राप्त कर पाए हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि यदि चुनाव आयोग की ओर से बजट एलाट है, तो वह धन कहां गया और यदि बजट एलाट नहीं है तो विभाग के उच्चाधिकारी क्या कर रहे हैं।

सभी राज्यों की सीमा पर चेकपोस्ट

सूबे के आबकारी आयुक्त के कार्यालय आदेश संख्या 18663-18760 ग्यारह- ई0आई0बी0 सूचना लो0स0नि0 2019 दिनांक 27-02-2019 के अंतर्गत लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2019 में अवैध मदिरा की रोकथाम सीमावर्ती राज्यों के प्रवेश मार्गों पर निरंतर चेकिंग हेतु अंतरिम चेकपोस्टों का गठन किया गया है। हर चेकपोस्ट पर तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की आठ आठ घंटे की ड्यूटी लगाई गई हैै। यूपी में आबकारी महकमे के पांच जोन मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ व आगरा हैं। चेकपोस्ट गठन करने की जिम्मेदारी हर जोन के मुखिया संयुक्त आबकारी आयुक्त को दी गई थी और उन्होंने यह जिम्मेदारी भी निभाई।

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पूरे प्रदेश में इस तरह के करीब तीन दर्जन चेकपोस्ट बनाए गए हैं। प्रत्येक चेकपोस्ट पर एक सहायक आबकारी आयुक्त, तीन आबकारी निरीक्षक, तीन प्रधान आबकारी सिपाही व 12 आबकारी सिपाहियों की तैनाती की गई है। इस तरह से हर चेकपोस्ट पर करीब 19 अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है।

मेरठ जोन में आठ चेकपोस्ट

मेरठ जोन पर नजर डालें तोे इस जोन में कुल आठ चेकपोस्ट बनाये गये हैं। इन आठो चेकपोस्टों में गौरीपुर चेकपोस्ट बागपत, कैराना चेकपोस्ट शामली, बिडौली चेकपोस्ट शामली, सरसावां चेकपोस्ट सहारनपुर, कालिन्दी कुंज चेकपोस्ट गौतमबुद्ध नगर, भोपुरा चेकपोस्ट गाजियाबाद, विजयनगर चेकपोस्ट गाजियाबाद व टीपी नगर चेकपोस्ट गाजियाबाद शामिल है। मेरठ जोन के इन चेकपोस्टों पर आठ सहायक आबकारी आयुक्त, 24 आबकारी निरीक्षक, 24 प्रधान आबकारी सिपाही व 96 आबकारी सिपाही तैनात किए गए हैं। इस तरह से मेरठ जोन के इन आठो चेकपोस्टों पर करीब 152 अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गई है।

आज़मगढ़ से संदीप अस्थाना

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