फ्लोराइडयुक्त पानी पीना है मजबूरी

आप अगर पानी पीते हैं तो कई बाद देख कर पीते हैं पानी साफ है या नहीं, लेकिन यूपी में सोनभद्र के लोगों की मजबूरी है जानकर भी इन्हें फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ता है। सोनभद्र ज़िले के ज्यादातर गाँवों में कुओं व हैंडपम्प में फ्लोराइड, आर्सेनिक जैसे भारी तत्वों की अधिकता से ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह बीमारियां बढ़ने लगी हैं, एक उम्र के बाद लोगों की हडि्डयां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है।

जिले के चोपन, दुद्धी, बभनी व म्योरपुर इन चार ब्लॉकों में सबसे ज्यादा पानी खराब है। चौपन ब्लॉक के गाँव परवाकुंडवारी पिपरबां, झीरगाडंडी, दुद्धी ब्लॉक में गाँव मनबसा, कठौती, मलौली, कटौली, झारोकलां, दुद्धी, म्योरपुर ब्लॉक में गाँव कुस्माहा, गोविन्दपुर, खैराही, रासप्रहरी, बरवांटोला, पिपरहवा, सेवकाडांड, खामाहरैया, हरवरिया, झारा, नवाटोला, राजमिलां, दुधर, चेतवा, नेम्ना, बभनी ब्लॉक के गाँव बकुलिया, बारबई, घुघरी, खैराडीह।

सोनभद्र जिले में कुएं और हैडपम्प में फ्लोराइड, नाइट्रेट की मात्रा अधिक पाए जाने वाले जल स्रोतों से बीमारियों के बढ़ने से ग्रामीण अंचल क्षेत्र के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। जिले में कुल 269 गाँव में फ्लोराइड पाया गया है, जो सबसे ज्यादा चोपन, दुद्धी, बभनी, म्योरपुर ब्लॉक के सभी गाँव में सबसे ज्यादा पानी खराब है। हैंडपंपों में फ्लोराइड की मात्रा अधिक मिली है। जिससे रोजाना इस क्षेत्र में रहने वाले बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

चोपन गांव के महेंद्र कुमार बताते हैं कि हैंडपंप से काफी पानी मटमैला आ रहा है। घर में लोगों को पानी पीने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। लेकिन क्या करें, हमारे सामने मजबूरी है। कई बार गाँवों में पानी को लेकर अधिकारियों से शिकायत भी गई, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

दो से दस गुना तक पानी में फ्लोराइड की मात्रा

जिले के चार ब्लाक दुद्धी, चोपन, बभानी और म्योरपुर के 269 गांव फ्लोराइड की अधिकता से प्रभावित हैं। जहां पानी में फ्लोराइड की समस्या काफी गंभीर है। कहीं कहीं पर तो यह पानी में 12 मिलीग्राम प्रति लीटर है, जबकि पानी में प्रति लीटर एक मिलीग्राम से अधिक फ्लोराइड सेहत के लिए नुकसानदेह होता है।

चीयर्स डेस्क 

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