मीना कुमारी की जिंदगी भी शराब, मौत भी शराब।

किसी ने लिखा है कि मीना कुमारी की जिंदगी उनकी मौत से शुरु होती है। मीना जब तक जिंदा रहीं, उनकी जिंदगी में खुशियां कम दिन की ही मेहमान रहीं। उन्होंने अपनी जिंदगी गरीबी से शुरू की और जब उनकी मौत हुई तो भी अस्पताल का बिल भरनेे के पैसे नहीं थे। जवानी में उन्हें मिली शोहरत, बेशुमार दौलत, इज्जत, दर्जनों पुरस्कार……कुछ उनके काम न आया और प्यार की तलाश में भटकते भटकते उन्होंने शराब का दामन थाम लिया। शराब ने उन्हें सुकून तो दिया लेकिन वही शराब उन्हें मौत के रास्ते पर भी ले गई। मात्र 39 साल की उम्र में ही 31 मार्च 1972 को, हिंदुस्तानी फिल्मों की ये ट्रैजिक क्वीन वक़्त से पहले ही मौत की आगोश में जा समाई।

उनकी मौत से सिर्फ एक महीने पहले ही उनकी शानदार फिल्म ’पाकीज़ा’ रिलीज़ हुई थी। जिस दिन वह मरीं उस दिन पूरे हिंदुस्तान में जहां जहां पाकीजा चल रही थी, वहां वहां उसके पोस्टर्स पर काले परदे टांग दिए गए थे। मशहूर लेखक और पत्रकार, विनोद मेहता ने मीना कुमारी पर लिखी किताब ’मीना कुमारी, द क्लासिक बाॅयोग्राफी’ में उनसे जुड़े कई संस्मरण लिखे हैं। वो उनके बड़े जबर्दस्त प्रशंसक थे। विनोद मेहता ने मीना कुमारी के जीवन में शराब आने के कारणों का भी बड़े सलीके से बयान किया है। उन्होंने लिखा है कि कमाल अमरोही से कम उम्र में ही उनकी शादी और फिर काॅरियर। दोनों को साथ लेकर चलना मुश्किल हो रहा था। मीना अपने घर वालों के लिए भी कुछ करना चाहती थीं। यहीं से दोनों के बीच मतभेद शुरु हुए, नतीजा तनाव और उसे दूर करने के लिए शराब का सहारा।

विनोद मेहता के मुताबिब मीना कुमारी की जिंदगी में वह दिन भी आया जब वो कमाल अमरोही से झूठ बोलकर पार्टियों में जाने लगी थीं। बाद में जब कमाल को पता चलता था तो दोनों में जमकर झगड़ा होता था। फिर कमाल मीना कुमारी पर निगाह रखने लगे, जासूसी करने लगे। उन पर शक करने लगे। एक पार्टी में मीना कुमारी दिलीप कुमार के साथ बैठी बातें कर रही थीं तो कमाल अमरोही ने वहां पहुंचकर जमकर बवाल किया। फिर मीना की जिंदगी में मशहूर थप्पड़ कांड भी आया जिसे विनोद मेहता ने बेहद शालीनता से किताब में लिखा है। इस कांड के बाद दोनों अलग हो गए। इस तन्हाई को बांटने के लिए एक बार फिर मीना कुमारी ने शराब का सहारा लिया और हालत ये हो गई कि उनका कोई दिन बिना शराब के गुजरता ही नहीं था।

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मीना कुमारी विलक्षण कला की धनी थीं। वह जबर्दस्त एक्ट्रेस तो थी हीं, स्तरीय कवियित्री भी थीं। उनकी लिखी शायरी की एक किताब प्रकाशित हो चुकी है। उनकी कई ग़ज़लें और नज़्मों की कई मशहूर गायकों ने गाया है। वह अगर एक्टर न होतीं तो बहुत बड़ी कवियित्री होतीं।

बेजोड़ प्रतिभा की धनी मीना कुमारी की जिंदगी में शराब आई तो दवा के तौर पर थी लेकिन उसने लत की शक्ल कब ले ली, ये मीना कुमारी को भी पता नहीं चला। उनके आस पास के लोग तो यहां तक बताते हैं कि एक वक्त वह भी आया कि मीना कुमारी की जब भी आंख खुलती, वह कुल्ला भी शराब से ही करती थीं। तब तक धर्मेंन्द्र उनके जीवन में आ चुके थे। उनके आने के बाद शराब मीना कुमारी की नियमित साथी हो गई। नजदीक से जानने वाले कहतें हैं कि ब्रांडी से शुरूआत करने वाली मीना कुमारी बाद के दिनों में ठर्रा भी पी लेती थीं।

चीयर्स डाॅट काॅम की ओर से आज 31 मार्च 2019 को मीना कुमारी को उनकी 47वीं पुण्य तिथि पर भावभीनी ऋद्धांजलि।

चीयर्स डेस्क



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