बढ़ती जा रही औरतों के हाथ से बनी बियर की मांग

जर्मनी को बियर कंट्री कहा जाता है, वहां जितनी शानदार और हजारों प्रकार की बियर मिलती है, और कहीं नहीं मिलती। महिलाओं के हाथों से बनी बियर, जर्मनी में यह एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है। वहीं मिलती है महिलाओं के हाथ की बनी बियर। कुछ साल पहले तक जर्मनी दुनिया में सबसे ज्यादा बियर की खपत वाले देशों में गिना जाता था। जर्मनी में हर व्यक्ति साल में करीब 150 लीटर बियर पी जाया करता था। हालांकि पिछले सालों में यह मात्रा कम हो कर करीब 100 लीटर रह गई है। जर्मनी में हजारों बियर ब्रेवरीज़ हैं। इनमें कई ब्रेवरीज़ महिलाएं चलाती हैं। फ्रीडेरीके श्ट्राटे इन्हीं में से एक हैं। वह जर्मनी के डेटमोल्ड में बियर बनाती हैं।

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फ्रीडेरीके के साथ उनकी बहन सिलविया भी एक मशहूर बियर कंपनी में उच्च पद पर हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बियर बनाना अजीब नहीं लगता, तो उन्होंने कहा, मैंने खुद इस बारे में ज्यादा कुछ सोचा नहीं। मैं महिला हूं और हमेशा से बियर बनाना मेरे लिए बेहतरीन कारीगरी रही है। मुझे बीयर बनाने वाली अपनी फैक्ट्री बहुत पसंद है और हमारी बियर भी। मैं यहीं बड़ी हुई हूं।

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पांच पीढ़ियों से फ्रीडेरीके का परिवार पारंपरिक तरीके से बियर बना रहा है। कंपनी में 30 लोग काम करते हैं और बियर का प्रचार नहीं किया जाता। फिर भी बियर चखने वाले क्लब ने फ्रीडेरीके की थूस्नेल्डा बीयर को साल की बेहतरीन बियर बताया है। इसलिए जर्मनी के अन्य हिस्सों से भी इस बियर के लिए मांग बढ़ी है। फ्रीडेरिके इस से खुश हैं, हमारे जैसे एक मध्य स्तर की कंपनी के लिए यह अहम है क्योंकि टीवी में प्रचार करने वाली कंपनियों से हमें मुकाबला करने में दिक्कत होती है। बाजार में दबाव बढ़ता जा रहा है।

महिलाओं के हाथों से बनी बियर, यह एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है। मध्यकाल में बियर बनाना महिलाओं का काम था। उस समय महिलाओं के अलावा मठों में पादरी बियर और शराब बनाते थे। मिषाएला क्नोर बर्लिन में ब्रेवरी एक्सपर्ट हैं। वह बताती हैं, बियर और महिलाओं का रिश्ता पुराना है क्योंकि महिलाएं खाना पीना देखती थीं और बियर भी। मिस्र की प्राचीन संस्कृति में भी ऐसा ही था, बेबीलोन में भी और पुराने जर्मनों में भी ऐसा ही हुआ करता था।
औद्योगिक युग के साथ साथ बियर बड़े पैमाने पर बनाई जानी लगी और पुरुष इस उद्योग को देखने लगे। इन दिनों हाथ से बनाई बियर की मांग बढ़ रही है। हैम्बर्ग में एस्थर इसाक अपनी दुकान बियरलैंड में इस तरह की बियर बेचती हैं। यहां दुनिया भर से 300 तरह की बियर आती हैं। आठ साल पहले इसाक ने अनुवादक की नौकरी छोड़कर बियर बेचना शुरू किया। अब उन्हें क्वीन ऑफ बियर के नाम से जाना जाता है क्योंकि इसाक आपके व्यक्तित्व के आधार पर बता सकती हैं कि आपको कैसी बियर पसंद आएगी।

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महिलाओं और पुरुषों के स्वाद के बारे में वह बताती हैं, महिलाएं यहां आम तौर पर बियर के स्वाद के लिए उसे खरीदने आती हैं लेकिन पुरुष प्यास बुझाने के लिए बियर पीते हैं। शायद यही वजह है कि बार्लीज एंजेल्स संगठन की बैठक में पुरुष कम ही दिखाई देते हैं। बार्लीज एंजल्स महिलाओं का संगठन है और इसमें विश्व भर से 5,000 सदस्य हैं। छह महीने पहले एस्थर इसाक ने जर्मनी में इसकी एक शाखा की शुरुआत की।

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बार्लीज एंजल्स दो साल से चल रहा है. इसकी सदस्यता बढ़ रही है और इसमें वह महिलाएं शामिल हो रही हैं जो बियर का स्वाद खुद तय करना चाहती हैं। एस्थर इसाक कहती हैं, हम पुरुषों के खिलाफ काम नहीं कर रहे हैं। हम बस कहना चाहते हैं कि हम उपभोक्ताओं का 50 प्रतिशत हिस्सा हैं लेकिन कोई हमारे बारे में नहीं सोचता। बियर जगत को महिलाओं से जोड़कर अब ये महिलाएं कुछ बदलना चाहती हैं।

चीयर्स डेस्क

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