बिहार की शराबबंदी भी चर्चा का विषय है चुनाव में 

लोकसभा चुनाव में बिहार की बेगूसराय की संसदीय सीट उस समय चर्चा में आ गई जब जेएनयू छात्र यूनियन के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के यहां से चुनाव लड़ने की घोषणा हुई। उसके बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने यहां से चुनाव लड़ने में ना नुकुर की, तब भी बेगूसराय का नाम मीडिया की सुर्खियों में रहा।
फिलहाल वहां से राजद के तनवीर हसन, सीपीआई से कन्हैया कुमार और बीजेपी से गिरिराज सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। वही गिरिराज जो अपने बयानों से जब तब विवाद खड़े करते रहे हैं। राजद के तनवीर हसन के पक्ष में हुई जनसभा को सम्बोधित करने जब राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव बेगूसराय के बछवाड़ा के अयोध्या मैदान पहुंचे तो भीड़ उन्हें सुनने कम उनका हेलीकाप्टर देखने के लिए ज्यादा उत्सुक दिखी।

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इस भीड़ से जब पत्रकारों ने बात चीत की तो वहां शराब बंदी की प्रशंसा करती हुई महिलाएं भी मौजूद मिलीं। इस मैदान के र्बाइं तरफ खेतों में खड़ी कुछ महिलाओं से जब पूछा कि यहां कौन आया है, तो उनका जवाब बड़ा मजेदार था, कुछ बोलीं कि ’राहुल यादव’। ये कहते हुए महिलाएं हंसने लगती हैं। फिर खुद ही कहती हैं कि पता नहीं कि कौन आया है। इस सवाल के जवाब में कि ये क्या बोल रहे हैं। जवाब देती हैं कि जो दारू बंद किया ऊ अच्छा काम है……जो दारू बंद किया है वो ही जीतेगा।’ जब उनसे पूछा गया कि किसने दारू बंद किया है, तो बोलीं कि मोदी किया है। हालांकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। नीतीश कुमार के मुख्समंत्रित्व काल वाली राजद और जदयू की सरकार ने 2015 में बिहार में शराबबंदी लागू की थी।

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यहां अपने चुनावी भाषण में राजद नेता तेजस्वी यादव ने शराबबंदी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने भीड़ से पूछा कि यहां ‏शराबबंदी है न, लेकिन पेल के दारू मिल रहा है न…. गरीब तो ताड़ के पेड़ पर चढ़ रहा है, लेकिन अमीर तो आज भी गटागट वही दारू पी रहा है….।’ हालांकि ये अलग बात है कि तेजस्वी की इस बात को लोगों ने बहुत गंभीरता से नहीं लिया।

चीयर्स डेस्क

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