बियर की बोतल के दस ढक्कन दो एक बियर मुफ्त लो

गोवा का वारका बीच, पहुंचने पर मुंह से बेसाख्ता निकल जाता है, अरे ये तो बिल्कुल फिल्मी है….! वारका हो या फिर कोलवा या कोई और दूसरा बीच, गोवा में समुंदर के किनारों यानी बीच पर सफाई सुथराई के लिए अब एक नया प्रयोग किया जा रहा है जिससे बीच पर सफाई भी इस सीजन में नजर आई है, ये है ’वेस्ट बार’ जिसके तहत बियर की बोतलों के ढक्क्न और सिगरेट के बट के बदले फ्री में बीयर मिलती है।

हाल ही में गोवा के बीच पर बीयर पीने पर 2,000 रुपए का जुर्माना भरने का कानून भी लागू हो गया है क्यूंकि लोग बीच पर बियर पीने के बाद बोतल आदि वहीं फेंक देते थे। दुर्भाग्य से ऐसे लोगों में विदेशियों की तादाद न के बराबर होती थी। सरकार ने मजबूरी में ये फैसला किया। कोलवा बीच के एक रेस्ट्रां मालिक डेविड साॅलोमन इससे खुश हैं। कहते हैं कि यहां आने वाले विदेशी चुपचाप अनुशासित तरीके से पीते हैं और नियम कानून अनुसार सब करते हैं, उनके लिए न पहले कोई समस्या थी न इस कानून के बाद होगी। वे लोग जो अनुशासित नहीं थे, उनके लिए कड़ा कानून जरूरी है। इससे बीच साफ सुथरे रहेंगे और बीच पर सफाई सुथराई अति आवश्यक है।

गोवा सरकार के इस फैसले के लागू होने के साथ ही गोवा में एक और अभियान शुरु किया गया है जिसके तहत 10 बीयर की बोतलों के ढक्कनों और पी गोवा-में-समुद्र-किनारे-कचरा-बीनने-पर-मिलेगी-बीयर-1गईं 20 सिगरेट के बट के बदले में वेस्ट बार एक बोतल बीयर मुफ्त उपलब्ध करा रहा है। इस पहल का मकसद गोवा आने वाले पर्यटकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ साथ बीच को साफ-सुथरा रखना भी है।

वेस्ट बार का आइडिया दृष्टि मरीन नामक एक निजी बीच प्रबंधन एजेंसी का है, जिसे गोवा के पर्यटन मंत्रालय ने गोवा के समुद्र तटों पर कचरे के संकट से निजात दिलाने के काम में लगाया है। इस पहल की शुरुआत 30 जनवरी को की गई और उत्तरी गोवा के बागा बीच स्थित प्रसिद्ध टीटो लेन पर जंजीबार शैक में वेस्ट बार खोले गए।

दृष्टि मरीन के साथ मिलकर अभियान की संकल्पना करने वाली नोरीन वैन होल्स्टीन ने बताया कि वेस्ट बार महत्वाकांक्षी संकल्पना है। ये बीच को साफ सुथरा और पर्यावरणीय दृष्टि से बेहतर बनाने का एक सकारात्मक उपाय भी है। साथ ही, यह कार्यक्रम सैलानियों को आकर्षित करने की दिशा में भी एक कदम है। इससे सैलानी काफी खुश भी होते हैं क्योंकि उनको लगता है कि वे समाज के लिए अपना योगदान दे रहे हैं और मुफ्त में उन्हें पीने को बियर भी मिल रही है।

सैलानियों को गोवा की दो चीजें आकर्षित करती हैं बीच और बार। इसलिए, सैलानी जिन चीजों के लिए यहां आते हैं वो उनको मिलना चाहिए। मान लीजिए कोई सैलानी कचरा करता है और अगर ये स्कीम लागू है तो अगर वो अपने कचरे को ही एक बोतल बियर के बदले वहां से उठा लेता है तो बुराई क्या है। हिसाब किताब लगाया जाए तो बीच पर सफाई कर्मियों को लगाने से जितना खर्चा आएगा, वो कचरे के बदले बियरन की बोतल से निश्चित रूप से कम होगा।

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नीदरलैंड में सबसे पहले वेस्ट बार की परिकल्पना साकार की गई थी। वहां से ये आइडिया बाकी स्थानों पर भी लोकप्रिय बनता जा रहा है। सिगरेट के बट और बोतलों के ढक्कनों के अलावा, इस्तेमाल किए गए पांच प्लास्टिक स्ट्रॉ के लिए एक बोतल ठंडी बीयर और कॉकटेल की भी वहां व्यवस्था है। इसी तर्ज पर अगले कुछ महीनों में गोवा में विभिन्न जगहों पर वेस्ट बार नजर आएंगे।

गोवा में हर साल करीब 80 लाख पर्यटक आते हैं। अधिक पर्यटकों के आने से गोवा के बीच पर कचरों का अंबार लगने लगा था और ये गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए चिंता का सबब बन गया था, क्योंकि गंदगी के कारण गोवा में पर्यटकों के आगमन में कमी होने लगी थी। गोवा में पिछले सीज़न में बीच को साफ सुथरा रखने की जागरूकता पैदा करने के लिए 150 से अधिक दिनों तक सफल अभियान चलाया गया था, उसी तर्ज पर इस साल भी ये अभियान चलाया गया जिसके सकारात्मक नतीजे भी नजर आए।

चियर्स डेस्क

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