बहरौली में पीला पानी देख भौचक रह गए डाक्टर

यूपी के बरेली जिले में कैंसर से जूझ रहे गांव बहरौली में बुधवार को सीएचसी के डाक्टरों की टीम  पहुंची। डाक्टरों ने गांव के हैंडपंपों का पानी चेक किया। इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी डाक्टरों ने शीशे के गिलास में भरकर रख दिया। दो मिनट में पानी बिल्कुल पीला पड़ गया। पीने पानी को देखकर डाक्टर भौचक रह गए। ज्यादातर नलों का पानी खराब मिला।

बहरौली में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घरों में लगे नलों पर सरकारी हैंडपम्पों के पानी को चेक किया। पानी प्रदूषित मिला। टीम ले ग्रामीणों को लाल निशान वाले हैंडपम्पों का पानी न पीने की सलाह दी। सफाई कर्मचारी ने प्रदूषित पानी उगल रहे सरकारी हैंडपम्पों पर लाल निशान लगाए थे। बुधवार को कर्मचारी ने निशान को काले पेंट से मिटा दिए।

कैंसर प्रभावित गांवों को लेकर प्रशासन गंभीर है। एडी हेल्थ को प्रभावित गांवों में जरूरी कदम उठाने को कहा है। मेडिकल टीमें गांवों में सर्वे कर रहीं हैं। बीमार लोगों को इलाज और जांच कराने को कहा है। गांव में बढ़ते कैंसर के मरीजों की वजह का पता लगाया जा रहा है। स्थाई समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। ग्राउंड वाटर के साथ फल-सब्जी और मिट्टी की भी जांच कराई जाएगी। – रणवीर प्रसाद, कमिश्नर

सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. अमित कुमार प्रतिरक्षण अधिकारी धनेश्वर गिरि,बीपीएम पुनीत सक्सेना की टीम लेकर कैंसर बहरौली पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक ने ग्रामीणों से कैंसर से पीड़ित ग्रामीणों की जानकारी ली। कैंसर के प्रकोप की तह तक जाने की कोशिश की। चिकित्सा अधीक्षक ने विनोद शर्मा की दुकान और लकी पब्लिक स्कूल के पास लगे सरकारी हैंडपम्प का पानी शीशे के गिलास में भर कर देखा। पानी अशुद्ध निकला। टीम ने घरों में जाकर नलों का पानी चेक किया। नलों का पानी ज्यादा खराब पाया।

बहरौली में पीला पानी देख भौचक रह गए डाक्टर

कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने एडी हेल्थ से कैंसर से जूझ रहे गांवों की सर्वे रिपोर्ट मांगी हैं। बुधवार को कैंसर पीड़ित आंवला के गांव व्योधन खुर्द और मीरगंज के बहरौली गांव में हेल्थ अफसरों की टीम पहुंच गईं। डाक्टरों की टीम ने दोनों गांवों में कैंसर के मरीजों का चेकअप किया साथ ही मरीजों के इलाज के कागजात देखे। उनके परिवार वालों से बातचीत की। कैंसर का निवाला बन चुके लोगों के घरवालों से डाक्टरों से पूछताछ की। मृतक मरीजों का कहां-कहां इलाज हुआ इसके बारे में जानकारी जुटाई। कैंसर के कुछ मरीजों को जांच के लिए अस्पताल आने को कहा। गुरुवार को भी डाक्टरों की टीम इन गांवों में जांच करेगी।

एक ही दिन में पुतवा दिए लाल निशान

2013 में 16 हैंडपम्पों का पानी आर्सेनिक होने की पुष्टि होने के बाद गांव के लोगों को राम भरोसे छोड़ कर चुप्पी साध ली। मामला उछलने पर नलों व सरकारी हैंडपम्पों पर लाल निशान लगवा दिए। बुधवार को ब्लाक के एक अधिकारी के मौखिक निर्देश पर सफाई कर्मचारी ने सरकारी हैंडपम्पों पर लगाए लाल निशान को काले पेंट से पोत दिया।

चीयर्स डेस्क 

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