फेनी का भी मौसम होता है गोवा कार्निवाल 

मस्ती, मज़ा और मादकता… इसका अगर कोई एक ठिकाना भारत में है तो वे है गोवा, और गोवा में भी जब गोवा कार्निवाल चल रहा हो तो ये सब अपने चरम पर होता है। कार्निवाल के दिनों में यहां के खूबसूरत नज़ारे और ज्यादा खूबसूरत हो जाते हैं। यू तो गोवा में सैलानी सीज़न अक्टूबर में ही शुरु हो जाता है और फरवरी तक सैर का सीज़न रहता है। लेकिन फरवरी कुछ खास है, क्योंकि हर साल फरवरी में ही होता है गोवा कार्निवाल जो इस साल किसी कारण से मार्च में हो रहा है।

ऐसा उत्सव जहां भीड़ को उत्सव के पागलपन और जीवंतता के लिए खोते हुए देखा जा सकता है। गोवा के पारंपरिक स्थानीय नृत्य और संगीत का  महासागर, जो देखते हैं वो देखते ही रह जाता है। गोवा कार्निवल का 500 से अधिक वर्षों का इतिहास है। वार्षिक कार्निवाल उस समय शुरु हुआ जब गोवा एक पुर्तगाली उप निवेश था। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, जबर्दस्त संगीत, सुंदर झांकियों और आकर्षक नृत्यों से भरपूर अद्भुत परेड इसकी खूबी है। पूरे गोवा की सड़कों पर विशाल समारोह आयोजित किए जाते हैं। पूरी पूरी शामें और रातें नॉन स्टॉप पार्टियां चलती रहती हैं।

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 गोवा कार्निवल को और भी खास बनाती है वहां की फैनी, फैनी सिर्फ गोवा में ही मिलती है, जिसको पीने के लिए लोग दूर दूर से आतें है। वैसे तो गोवा कार्निवल में और भी किस्म की शराब मिलती हैं लेकिन फैनी की बात ही अलग है। समुद्र तटों पर इन दिनों विशेष रूप से फेनी पीने के आयोजन किए जाते हैं। रूसी पर्यटकों की अधिकता के कारण पूरे गोवा में रूसी वोदका और भारतीय वोदका खूब मिलती है, लेकिन कार्निवाल के दिनों में गोवा के उत्सव में फेनी का भी अच्छी खासी भूमिका रहती है। एक रूसी महिला ऐमी सुसानो जो पिछले एक महीने से भी अधिक समय से दक्षिण गोवा में रह रही हैं, चीयर्स डाॅट काॅम से बातचीत में बताती हैं कि कार्निवाल के दिनों में वह कोलवा बीच पर जाकर फेनी पीती हैं।

कार्निवल के दौरान गोवा की बहुत सी ऐसी पारंपरिक चीजें देखी जा सकती हैं जो आम दिनों में नहीं दिखती हैं। गोवा की कला, लघु नाटक, गोवा की संस्कृति, गोवा के पारंपरिक व्यंजन, गोवा का संगीत। उत्सव का अंतिम दिन सबसे शानदार होता, पंजिम में क्लब नेशनल द्वारा आयोजित प्रसिद्ध लाल और काले नृत्य को भी भुलाया नहीं जा सकता। वास्तव में ये उत्सव खाने, पीने और मजे़ करने के लिए है….खाओ पियो और मज़ा करो की तर्ज पर। पणजी की मुख्य सड़क के नीचे परेड के दौरान कलाबाज, जोकर, नर्तक, ब्रास बैंड और अन्य लोग उसका अनुसरण करते हैं।

चीयर्स डेस्क

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